Friday, October 2, 2026
Latest:
करनालखेलचंडीगढ़जिंददेश-विदेशपंचकुलापंजाबपानीपतराज्यहरियाणा

*गांधी जयंती पर ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के समापन पर PGIMER चंडीगढ़ ने सफाई मित्रों और अभियान के विजेताओं को किया सम्मानित*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,
*गांधी जयंती पर ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के समापन पर PGIMER चंडीगढ़ ने सफाई मित्रों और अभियान के विजेताओं को किया सम्मानित*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
चंडीगढ़ ;- पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ ने आज गांधी जयंती (जिसे ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के रूप में मनाया जाता है) पर अपना स्वच्छता पुरस्कार समारोह आयोजित किया। इस समारोह के साथ ही संस्थान के ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का समापन हुआ। प्रो. संजय जैन (डीन, एकेडमिक) मुख्य अतिथि थे और प्रो. अशोक कुमार (मेडिकल सुपरिटेंडेंट) विशिष्ट अतिथि थे।
यह अभियान भारत सरकार की राष्ट्रीय ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के तहत चलाया गया था। इसमें डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों, अस्पताल के कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और स्वच्छता निरीक्षकों के साथ-साथ छात्रों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
*अभियान की मुख्य बातें*
अभियान की शुरुआत 24 सितंबर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस कचरा प्रबंधन) पर एक वर्कशॉप के साथ हुई। 25 सितंबर को, संस्थान ने अस्पताल परिसर से बाहर भी संदेश पहुंचाने के लिए स्थानीय RWA के साथ ‘जनभागीदारी’ कार्यक्रम आयोजित किया।
*अगले दिनों में जागरूकता और भागीदारी दोनों पर ध्यान दिया गया:*
• हरा-भरा और सक्रिय परिसर: बागवानी विभाग के साथ वृक्षारोपण अभियान और “स्वच्छता के लिए खेल” (जीरो-वेस्ट स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं) (27 सितंबर)।
• कला और अभिव्यक्ति: नुक्कड़ नाटक, गायन प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, पोस्टर मेकिंग, रंगोली और स्वच्छता विषय पर नृत्य प्रतियोगिताएं।
• स्वच्छता की पाठशाला: स्कूलों में स्वच्छता और श्रमदान, साथ ही प्रमुख स्थानों पर IEC सामग्री लगाना (29 सितंबर)। • स्वच्छता से समृद्धि: “कबाड़ से जुगाड़ / कबाड़ से कला” पहल के तहत बेकार चीज़ों को उपयोगी और कलात्मक चीज़ों में बदला गया (30 सितंबर)।
*देखभाल के तहत बच्चे:* एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर (APC) में भर्ती बच्चों के साथ स्वच्छता गतिविधियाँ।
*संस्थान को साफ़-सुथरा रखने वालों की देखभाल*
सफ़ाई कर्मचारियों के लिए 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को ‘सफ़ाईमित्र सुरक्षा’ स्वास्थ्य जाँच शिविर आयोजित किए गए। 1 अक्टूबर को स्टाफ़ ने स्वच्छता की शपथ ली और “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” श्रमदान और प्लॉगिंग अभियानों में हिस्सा लिया। सफ़ाईमित्रों को उनके लिए उपलब्ध कल्याणकारी लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई।
*स्वच्छता पुरस्कार समारोह, 2 अक्टूबर*
समारोह की शुरुआत महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देकर हुई। अस्पताल प्रशासन विभाग में स्वच्छता के प्रभारी अधिकारी *डॉ. विजय टडिया ने अभियान की गतिविधियों का ब्यौरा पेश किया*
अभियान के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए गए।
पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. जितेंद्र साहू और एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेस सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान निर्णायक मंडल में शामिल थे और उन्हें पौधे भेंटकर सम्मानित किया गया। अस्पताल को हर दिन साफ़, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए सफ़ाई अटेंडेंट, अस्पताल अटेंडेंट और सुपरवाइज़रों को सफ़ाईमित्र और स्वच्छताग्राही के तौर पर स्वच्छता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
*संस्थान के नेतृत्व का संदेश*
PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा, “किसी भी अस्पताल में स्वच्छता सुरक्षा की पहली पंक्ति होती है। PGIMER में आने वाले हर मरीज़ को सुरक्षित, साफ़ और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए। इस अभियान ने दिखाया कि स्वच्छता सिर्फ़ एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि हर डॉक्टर, नर्स, छात्र, कर्मचारी और विज़िटर की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। हमारे सफ़ाईमित्र सच्चे कर्मयोगी और इस प्रयास की रीढ़ हैं, और आज उन्हें सम्मानित करना ‘स्वच्छ भारत’ की भावना का सम्मान करना है।”
*PGIMER के डीन (एकेडमिक) प्रो. संजय जैन ने मुख्य अतिथि के तौर पर सभा को संबोधित करते हुए कहा*
“गांधीजी ने हमें सिखाया कि स्वच्छता केवल आस-पास की सफाई का मामला नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और सम्मान की बात है। हमारे रेजिडेंट डॉक्टर, नर्स और छात्र आने वाले कई दशकों तक हेल्थकेयर की दिशा तय करेंगे। जब वे प्लॉगिंग अभियान चलाते हैं, पेड़ लगाते हैं और स्कूली बच्चों को कचरे के बारे में सिखाते हैं, तो वे समझते हैं कि पब्लिक हेल्थ की शुरुआत क्लिनिक तक पहुँचने से बहुत पहले ही हो जाती है। आज के विजेताओं ने दिखाया है कि क्रिएटिविटी के ज़रिए किसी भी सर्कुलर की तुलना में संदेश को कहीं ज़्यादा प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।”
*PGIMER के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. अशोक कुमार ने गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर कहा,* “PGIMER जैसे बड़े अस्पताल में हर दिन, हर घंटे कचरा पैदा होता है, और इसे सुरक्षित तरीके से मैनेज करना इन्फेक्शन कंट्रोल और मरीज़ों की सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। हमारे सफाई कर्मचारी, अस्पताल के अटेंडेंट और सुपरवाइज़र यह काम चुपचाप, पर्दे के पीछे रहकर करते हैं। आज के पुरस्कार और हमारे ‘सफाई मित्रों’ के लिए हेल्थ चेक-अप इस बात का प्रमाण हैं कि हम उनके काम को देखते हैं और उसकी सराहना करते हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!