बैंक घोटाला के आरोपी विक्रम वाधवा को मौज करवा रही पुलिस की खुली पोल! / एसआई समेत पांच गिरफ्तार*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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बैंक घोटाला के आरोपी विक्रम वाधवा को मौज करवा रही पुलिस की खुली पोल! / एसआई समेत पांच गिरफ्तार*
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चंडीगढ़ ;- 645 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में बुडैल जेल में बंद आरोपी विक्रम वधवा को मंगलवार दोपहर मेडिकल चेकअप के लिए जीएमएसएच-16 ले जाने की अनुमति मिली थी, लेकिन पुलिसकर्मी उसे अस्पताल की बजाय सीधे सेक्टर-17 स्थित सिटी यार्ड होटल में ले गए।
*इसकी सूचना करीब दोपहर डेढ़ बजे डीएसपी पूनम दिलावरी को मिली* डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल में छापा मारकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एसआई, एएसआई समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 199, 261, 262, 62 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, विक्रम वधवा को दो पुलिसकर्मियों की निगरानी में बुडैल जेल से जीएमएसएच-16 ले जाया जाना था, लेकिन रास्ता बदलकर उसे सेक्टर-17 स्थित सिटी हार्ट होटल पहुंचा दिया गया। वहां वह काफी देर तक रुका रहा। इसकी सूचना मिलते ही डीएसपी पूनम दिलावरी ने रिजर्व इंस्पेक्टर सतिंदर, सेक्टर-17 थाना प्रभारी सुदेश और चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप के साथ होटल में छापा मारा और आरोपी सहित सभी को मौके से पकड़ लिया। पुलिस ने मामले में एसआई जगमेहर, एएसआई सुरेंद्र, विक्रम वधवा व उसके बेटे कुनाल (25), करण (27) को होटल से गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी को होटल ले जाने की साजिश पहले से रची गई थी या फिर मौके पर फैसला लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आशंका है कि विक्रम वधवा पुलिस हिरासत से फरार होने की फिराक में था। यह भी संदेह है कि आरोपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मोटी रकम देकर नियमों का उल्लंघन कराया। हालांकि, रिश्वत की रकम और लेन-देन की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां होटल के सीसीटीवी फुटेज, एंट्री रजिस्टर, मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि होटल में आरोपी किन लोगों से मिला, वहां कितनी देर रुका और पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं रही। पूरे मामले को पुलिस हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक माना जा रहा है।

