*सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए केरल विधानसभा में पास किया जाएगा विशेष प्रस्ताव*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए केरल विधानसभा में पास किया जाएगा विशेष प्रस्ताव*
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तिरुवनंतपुरम :- केरलम विधानसभा में एक विशेष प्रस्ताव पास किया जाएगा जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जाएगी। विधानसभा सूत्रों ने कन्फर्म किया है कि वी.डी. सतीशन नियम 118 के तहत प्रस्ताव पेश करेंगे।
मुख्य विपक्षी पार्टी एलडीएफ, सरकार के प्रस्ताव का पूरा समर्थन करेगी, जबकि भाजपा के तीन सदस्य वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे। यह पहली बार होगा जब भारत में किसी राज्य की विधानसभा के द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव पास किया जाएगा। प्रस्ताव में उन योग्य वोटरों को वोटर लिस्ट में जोड़ने की बात कही गई है, जिन्हें पहले बाहर कर दिया गया था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को नियुक्त करने वाली कमेटी को पुनर्गठन करने की भी वकालत की गई है, जिसमें भारत के चीफ जस्टिस को भी शामिल किया जाएगा। प्रस्ताव में केंद्र और चुनाव आयोग से औपचारिक रूप से इन मुद्दों पर ध्यान देने का आग्रह किया जाएगा। “भारतीय लोकतंत्र की नींव स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी है, साथ ही संविधान द्वारा हर नागरिक को दी गई सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की गारंटी पर भी।
विधानसभा ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा पूरे देश में एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिसमें भारत के चुनाव आयोग के हालिया कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं और आरोप हैं।” दिल्ली में विपक्षी पार्टियों के चल रहे विरोध के बीच, केरल विधानसभा के इस कदम से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को और राजनीतिक गति मिलने की उम्मीद है।
16वीं विधानसभा का दूसरा सेशन कल से शुरू हो रहा है। इससे पहले केरल में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच की घोषणा की गई थी। रमेश चेन्निथला ने केएसटीपी (केरलम स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट) में कथित भ्रष्टाचार की जांच का आदेश दिया था।
*परियोजना और विवाद*
केएसटीपी ने विश्व बैंक की मदद से अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड को फिर से बनाने के लिए 215 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद स्टेट हाईवे और मुख्य सड़कों का एक नेटवर्क बनाना था, जिससे सुरक्षित और बेहतर यात्रा हो सके। इसमें सड़कों के समय-समय पर मेंटेनेंस का भी इंतजाम था।
यह प्रोजेक्ट पैटी-बेल ने किया था, जो एक मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग का जॉइंट वेंचर है। मलेशियाई फर्म के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बिन ने उस समय कई शिकायतें की थीं, जिसमें सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। बाद में रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह मलेशिया लौट गया था और उसने सुसाइड कर लिया। इस घटना ने केएसटीपी प्रोजेक्ट में कथित गड़बड़ियों को सुर्खियों में ला दिया। सालों बाद मामले की नए सिरे से जांच की घोषणा अब पूरे देश का ध्यान खींच रही है।
