राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व केजरीवाल तथा डिप्टी सीएम सिसोदिया को बरी करते हए कही 8 बड़ी बातें*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व केजरीवाल तथा डिप्टी सीएम सिसोदिया को बरी करते हए कही 8 बड़ी बातें /मीडिया के सामने रो पड़े केजरीवाल*
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दिल्ली ;- अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया।
आबकारी नीति के निर्माण में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं थी। अभियोजन पक्ष (सीबीआई) का मामला न्यायिक जांच पर खरा नहीं उतरता।
CBI ने साजिश की एक कहानी गढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका सिद्धांत ठोस साक्ष्यों के बजाय मात्र अनुमान पर आधारित था।
हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई खामियां हैं और उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से साबित नहीं होते। चार्जशीट में विरोधाभास हैं, जो कथित साजिश (आरोपों) की पूरी थ्योरी को कमजोर करते हैं। केजरीवाल का नाम बिना किसी ठोस सबूत के जोड़ा गया। जब मामला किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा हो, तब बिना पुख्ता सबूतों के आरोप लगाना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है।
मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को बरी करते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि उन्हें पहला आरोपी क्यों बनाया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई ठोस सामग्री नहीं थी।
सिसोदिया पर आरोप था कि वे शराब नीति बनाने और लागू करने के जिम्मेदार थे, लेकिन अदालत ने कहा कि उनके शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी हुई।
अदालत ने सीबीआई के जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। बरी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने बोलते हुए फफक फफक कर रो पड़े।

