Friday, January 9, 2026
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राणा ओबराय राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, *सांसद बराला ने कांग्रेस पर बोला हमला / कहा महात्मा गांधी की ठेकेदारी लेने का कांग्रेस को नही कोई अधिकार*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*सांसद बराला ने कांग्रेस पर बोला हमला / कहा महात्मा गांधी की ठेकेदारी लेने का कांग्रेस को नही कोई अधिकार*
*कांग्रेस शासनकाल में मनेरगा भ्रष्टाचार और धन की लूट का माध्यम बन गई थी : बराला*
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रोहतक ;- राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने रोहतक स्थित भाजपा कार्यालय मंगलकमल में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि वीबी-जीरामजी योजना मोदी सरकार की एक क्रांतिकारी योजना है। पीएम मोदी का लक्ष्य है जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे हों तब तक हमारा देश विकसित राष्ट्र के रूप में उभरकर सामने आए। श्री बराला ने कहा कि जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले मजदूर, किसानों को देश की मुख्यधारा में लाना है, ताकि सभी लोगों को भारत के विकसित राष्ट्र बनाने में पूरा योगदान हो। सुभाष बराला ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी योजना का नाम बदले तो सही है, अगर भाजपा नाम बदलती है तो गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ लोगों को भ्रम में डालती और गुमराह करती है।
सुभाष बराला ने कहा कि जीरामजी योजना गरीब, मजदूर और किसान को मजबूत करने वाली योजना है। भाजपा सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति के पास रोजगार उपलब्ध होना चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए श्री बराला ने कहा कि कांग्रेस ने पहले जवाहर रोजगार योजना फिर नरेगा और उसके बाद मनरेगा रखा। कांग्रेस के लोग केवल इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के नाम पर योजनाओं के नाम रख रही है। कांग्रेस सिर्फ महात्मा गांधी के नाम का उपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नाम से गांधी चुरा लिया है।
सुभाष बराला ने कहा कि महात्मा गांधी की ठेकेदारी लेने का कांग्रेस पार्टी को कोई अधिकार नहीं है। महात्मा गांधी पूरे देश के हैं। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत कांग्रेस पार्टी ने मनमोहन सरकार में 10 सालों के अंदर लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जबकि भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में इस योजना पर ढाई गुणा रुपये खर्च किए। सांसद ने कहा कि हमारी नीयत साफ है और हमारा लक्ष्य रोजगार देना है।
सुभाष बराला ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तो 600 से अधिक संस्थाओं के नाम केवल गांधी के नाम पर रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने में सुभाष चंद्र बोस का भी योगदान था। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण करने का महत्वपूर्ण काम किया, लेकिन कांग्रेस ने इनके नाम पर कोई योजना नहीं चलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम से गांधी चुरा लिया।
विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रामजी योजना मनरेगा के मुकाबले बेहतर योजना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ लोगों को भ्रम में डालकर जीरामजी योजना का दुष्प्रचार कर रही है। जबकि यह योजना श्रमिकों के कल्याण और गांवों के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।
श्री बराला ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनेरगा भ्रष्टाचार का केंद्र बनी हुई थी। उस दौर में मनरेगा भ्रष्टाचार, फर्जी परियोजनाओं और धन की लूट का माध्यम बन गई थी। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाएं, डीबीटी, आधार लिंकिंग और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
सुभाष बराला ने कहा कि ’विकसित भारत- ’’जीरामजी’’ केवल रोज़गार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। जीरामजी योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह क़ानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है।
‘‘जीरामजी’’ योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री बराला ने कहा कि मोदी सरकार ने रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया है, जिससे श्रमिकों की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं उपस्थिति प्रणाली से फर्जी श्रमिकों, डुप्लीकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतान पर रोक लगेगी। वेतन एवं भत्तों का सीधा डिजिटल भुगतान (डीबीटी) होने से बिचौलियों, देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त होगी।
जियो-टैगिंग एवं सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से प्रत्येक परिसंपत्ति को आईएसआरओ के ‘भुवन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फर्जी परियोजनाओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली के साथ 7-दिवसीय निपटान समय सीमा भी तय की गई है।
सांसद ने कहा कि योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अपने अधिकारों की मांग के लिए एक मजबूत और वैध दस्तावेज होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान की कटाई के दौरान 60 दिनों तक कार्य बंद रहेगा, ताकि खेती पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस योजना के तहत ग्रामीण विकास कार्यों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे कार्यों का निष्पादन तेजी और प्रभावी ढंग से हो सके। यह योजना गाँवों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी और गाँवों में विकास की एक नई क्रांति आएगी।
जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज ने बताया विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से देशभर में विकसित भारत ग्राम अभियान को गति दी जा रही है। इस अभियान के तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों को मजबूत किया जा रहा है। स्थानीय सहभागिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर है, जिससे गांव समृद्ध बनें और राष्ट्र के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएं। प्रदेश भर में इस अभियान को गति देने के लिए प्रेस वार्ता कर इस विषय में बताया जा रहा है। इसी क्रम में आज ज़िला रोहतक में ये प्रेस वार्ता रखी गई थी ।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, ज़िला अध्यक्ष रणवीर सिंह ढाका,प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर खरक,प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, प्रदेश सचिव रेनू डाबला, जिला प्रभारी सत्येंद्र परमार जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज भी उपस्थित रहे।

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