जनहित के मुद्दों पर संसद में मुखर हुए झुझारू सांसद संजय भाटिया/ प्रमुखता से हरियाणा के विषयों को उठाया*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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जनहित के मुद्दों पर संसद में मुखर हुए झुझारू सांसद संजय भाटिया/ प्रमुखता से हरियाणा के विषयों को उठाया*
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नई दिल्ली/चंडीगढ़ ;- झुझारू राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने मानसून सत्र के दौरान जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों को संसद के उच्च सदन में उठाकर आमजन से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाने का कार्य किया। महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा एवं रोजगार, किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा, सहकारिता, वित्तीय समावेशन, एमएसएमई तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर उन्होंने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से विस्तृत जानकारी मांगी। इन प्रश्नों के माध्यम से राष्ट्रीय योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ हरियाणा पर पड़ने वाले उनके प्रभाव को भी सामने लाने का प्रयास किया गया।
सांसद संजय भाटिया द्वारा उठाए गए प्रश्नों के जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। देश में जन्म के समय लिंगानुपात वर्ष 2014-15 के 918 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 929 (अनंतिम) हो गया है। इसी अवधि में माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं का सकल नामांकन अनुपात 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 83.4 प्रतिशत हुआ है। सरकार के अनुसार बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, करियर मार्गदर्शन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के समन्वय से व्यापक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
शिक्षा और रोजगार के बीच मजबूत होगी कड़ी
शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बजट 2026-27 में प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के निकट पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की गई है। विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए अनिवार्य इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, उद्योग-शिक्षा साझेदारी तथा कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सांसद संजय भाटिया ने इन विषयों को उठाकर विशेष रूप से युवाओं के कौशल विकास और रोजगार से जुड़े अवसरों की दिशा में सरकार की पहलों को सामने लाने का काम किया। हरियाणा जैसे औद्योगिक एवं तेजी से विकसित होते राज्य के युवाओं के लिए उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत तालमेल रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकता है।
किसानों के हितों और खाद्य सुरक्षा पर भी रहा जोर
खाद्य सुरक्षा और किसानों से जुड़े विषय पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 तक केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का भंडार निर्धारित बफर मानकों से अधिक था। रबी विपणन सत्र 2026-27 में गेहूं की खरीद बढ़कर 357.57 लाख मीट्रिक टन हो गई तथा 34.82 लाख से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिला। सरकार ने अतिरिक्त खाद्यान्न के बेहतर उपयोग, भंडारण लागत में कमी तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम के माध्यम से बिक्री जारी रखने की जानकारी दी। यह जानकारी किसानों के हितों के संरक्षण के साथ देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
सहकारिता से किसानों को बाजार और नई संभावनाओं से जोड़ने की पहल
सहकारिता क्षेत्र को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सहकारिता मंत्रालय ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत 15 जुलाई 2026 तक देशभर में 38,138 नई सहकारी समितियों का पंजीकरण किया जा चुका है। हरियाणा में भी पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों के विस्तार की दिशा में कार्य हुआ है। मंत्रालय के अनुसार बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) किसानों को कृषि उपकरण, भंडारण, ऋण, बीज, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और बढ़ रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) के माध्यम से किसानों को निर्यात, जैविक खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इन संस्थाओं से देशभर की हजारों प्राथमिक सहकारी समितियों के जुड़ने से किसानों के लिए मूल्य संवर्धन और आय बढ़ाने की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।
वित्तीय समावेशन में जनधन योजना की बड़ी भूमिका
वित्त मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2026 तक देश में 58.77 करोड़ प्रधानमंत्री जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 32.75 करोड़ खाते महिलाओं के नाम हैं। हरियाणा में मई 2026 तक 111.39 लाख जनधन खाते संचालित होने की जानकारी दी गई है सरकार ने स्पष्ट किया कि जनधन खातों में न्यूनतम शेष राशि रखने की कोई अनिवार्यता नहीं है। खाताधारकों को ओवरड्राफ्ट तथा दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। वित्तीय समावेशन के इस विस्तार से समाज के उन वर्गों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिली है, जो पहले औपचारिक वित्तीय प्रणाली से दूर थे।
एमएसएमई को ऋण और वित्तीय सहयोग से मिलेगा बल
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से जुड़े प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्रालय ने बताया कि सिडबी द्वारा पिछले वर्षों में देशभर में 71 नई शाखाएं खोली गई हैं तथा एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। सरकार ने ईसीएलजीएस 5.0 के माध्यम से अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने और एमएसएमई को 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान करने के प्रावधान की भी जानकारी दी। इससे हरियाणा सहित देशभर के छोटे और मध्यम उद्यमों को वित्तीय मजबूती मिलने तथा रोजगार सृजन को गति देने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर भी नजर
सांसद संजय भाटिया ने नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विषय को भी संसद में उठाया। नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि देश में फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा की संभावित क्षमता 102.18 गीगावाट आंकी गई है। विभिन्न राज्यों, जिसमें हरियाणा भी शामिल है, में जलाशयों के बेहतर उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अलग से फ्लोटिंग सोलर नीति अधिसूचित नहीं हुई है, हालांकि संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ इस दिशा में कार्य जारी है।
हरियाणा के हितों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखने की पहल
राज्यसभा में सांसद संजय भाटिया द्वारा उठाए गए ये प्रश्न उनके व्यापक जनसरोकार और सक्रिय संसदीय भूमिका को दर्शाते हैं। उन्होंने एक ओर जहां महिलाओं, किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी प्रभाव की जानकारी भी सदन के माध्यम से सामने लाई। विशेष रूप से हरियाणा से जुड़े आंकड़ों और संभावनाओं को राष्ट्रीय योजनाओं के संदर्भ में सामने रखकर उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को केंद्र की नीतियों एवं योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। संसद में लगातार जनहित के विषय उठाने की यह सक्रियता बताती है कि सांसद संजय भाटिया राष्ट्रीय नीतियों के व्यापक परिप्रेक्ष्य के साथ-साथ हरियाणा के हितों और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं को संसद के उच्च सदन में प्रभावी ढंग से रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

