Wednesday, August 5, 2026
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पूर्व सीएम हूडा ने हरियाणा की सरकार को घेरते हुए कहा भाजपा ने हरियाणा को बनाया ड्रग्स, अफीम, चिट्टा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक, चरस, गांजा, कोकीन, भांग और सुलफा का अड्डा*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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पूर्व सीएम हूडा ने हरियाणा की सरकार को घेरते हुए कहा भाजपा ने हरियाणा को बनाया ड्रग्स, अफीम, चिट्टा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक, चरस, गांजा, कोकीन, भांग और सुलफा का अड्डा*
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चंडीगढ़ ;- दूध-दही के खाने वाले हरियाणा को भाजपा ने ड्रग्स, अफीम, चिट्टा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक, चरस, गांजा, कोकीन, भांग और सुलफा का अड्डा बना दिया है। जब से भाजपा प्रदेश की सत्ता में आई है, नशा कारोबारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है और वो बेखौफ होकर अपना नेटवर्क पूरे प्रदेश में फैला चुके हैं। आज प्रदेश के हर गांव, गली व मोहल्ले तक नशा पहुंच गया है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का।
हुड्डा का कहना है कि हरियाणा की पहचान उसका शुद्ध, सात्विक खाना, पहलवान, जवान और उनकी तंदुरुस्ती होते थे। लेकिन बीजेपी ने नशे के कारोबार को हरियाणा की पहचान बना दिया है। खुद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिसंबर 2023 में राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की गई। इसके मुताबिक हरियाणा में नशा करने वाले 16.51 फ़ीसदी लोग अफीम और उससे बने नशीले पदार्थ, यहां तक की हेरोइन और चिट्टा का इस्तेमाल करते हैं। 11% लोग नशे के लिए गांजा, भांग और चरस इस्तेमाल करते हैं। 5 फ़ीसदी लोग नींद के लिए ली जाने वाली नशीली दवाइयां और बड़ी मात्रा में लोग कोकीन का भी इस्तेमाल करते हैं। प्रदेश में नशा किस कद्र बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले *5 साल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगभग 15 लाख लोग सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचे हैं।*
हालांकि यह आंकड़ा इससे कई गुणा बड़ा हो सकता है। क्योंकि नशे की दलदल में फंसे लाखों लोग इलाज के लिए आगे नहीं आते हैं और अपनी जिंदगी तबाह कर लेते हैं।
हुड्डा ने कहा कि अस्पतालों व नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचे ज्यादातर मरीज पंजाब व राजस्थान के साथ लगते जिलों से हैं। यानी हरियाणा सरकार को पता है कि प्रदेश में नशा किस तरफ से आ रहा है। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश में जानबूझकर नशे को बढ़ावा दे रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी भी नशे के बढ़ते साम्राज्य की एक वजह है। बेरोजगारी से हताश युवा नशे और अपराध के चंगुल में फंस रहे हैं और अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। सत्ता में बैठे बीजेपी लगातार ऐसी नीतियां बना रही हैं जिससे प्रदेश में बेरोजगारी, अपराध और नशा बढ़े। ऐसे में सारी जिम्मेदारी अभिभावकों और प्रदेश की जागरूक जनता पर आ जाती है। हुड्डा ने जनता से अपील की है कि वो बढ़ते नशे के खिलाफ सतर्क रहे। मां-बाप अपने बच्चों व युवाओं पर विशेष ध्यान दें। परिवार के लोगों के साथ नशे जैसे संवेदनशील मसलों पर बात करें और सभी को इसके खतरों के बारे में जागरुक करें।चंडीगढ़ ;- दूध-दही के खाने वाले हरियाणा को भाजपा ने ड्रग्स, अफीम, चिट्टा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक, चरस, गांजा, कोकीन, भांग और सुलफा का अड्डा बना दिया है। जब से भाजपा प्रदेश की सत्ता में आई है, नशा कारोबारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है और वो बेखौफ होकर अपना नेटवर्क पूरे प्रदेश में फैला चुके हैं। आज प्रदेश के हर गांव, गली व मोहल्ले तक नशा पहुंच गया है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का।
हुड्डा का कहना है कि हरियाणा की पहचान उसका शुद्ध, सात्विक खाना, पहलवान, जवान और उनकी तंदुरुस्ती होते थे। लेकिन बीजेपी ने नशे के कारोबार को हरियाणा की पहचान बना दिया है। खुद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिसंबर 2023 में राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की गई। इसके मुताबिक हरियाणा में नशा करने वाले 16.51 फ़ीसदी लोग अफीम और उससे बने नशीले पदार्थ, यहां तक की हेरोइन और चिट्टा का इस्तेमाल करते हैं। 11% लोग नशे के लिए गांजा, भांग और चरस इस्तेमाल करते हैं। 5 फ़ीसदी लोग नींद के लिए ली जाने वाली नशीली दवाइयां और बड़ी मात्रा में लोग कोकीन का भी इस्तेमाल करते हैं। प्रदेश में नशा किस कद्र बढ़ गया है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 5 साल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगभग 15 लाख लोग सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचे हैं। हालांकि यह आंकड़ा इससे कई गुणा बड़ा हो सकता है। क्योंकि नशे की दलदल में फंसे लाखों लोग इलाज के लिए आगे नहीं आते हैं और अपनी जिंदगी तबाह कर लेते हैं।
हुड्डा ने कहा कि अस्पतालों व नशा मुक्ति केंद्रों में पहुंचे ज्यादातर मरीज पंजाब व राजस्थान के साथ लगते जिलों से हैं। यानी हरियाणा सरकार को पता है कि प्रदेश में नशा किस तरफ से आ रहा है। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे स्पष्ट है कि सरकार प्रदेश में जानबूझकर नशे को बढ़ावा दे रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी भी नशे के बढ़ते साम्राज्य की एक वजह है। बेरोजगारी से हताश युवा नशे और अपराध के चंगुल में फंस रहे हैं और अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। सत्ता में बैठे बीजेपी लगातार ऐसी नीतियां बना रही हैं जिससे प्रदेश में बेरोजगारी, अपराध और नशा बढ़े। ऐसे में सारी जिम्मेदारी अभिभावकों और प्रदेश की जागरूक जनता पर आ जाती है। हुड्डा ने जनता से अपील की है कि वो बढ़ते नशे के खिलाफ सतर्क रहे। मां-बाप अपने बच्चों व युवाओं पर विशेष ध्यान दें। परिवार के लोगों के साथ नशे जैसे संवेदनशील मसलों पर बात करें और सभी को इसके खतरों के बारे में जागरुक करें।

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