*संघर्ष से सत्ता के शिखर तक पहुँचे डॉ.अरविंद शर्मा / चार बार सांसद तथा हरियाणा सरकार में बने कैबिनेट मंत्री /राजनीति के लंबे सफर में कई मुकाम किए हासिल*
*राणा ओबराय*
*राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,*
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*संघर्ष से सत्ता के शिखर तक पहुँचे डॉ.अरविंद शर्मा / चार बार सांसद तथा हरियाणा सरकार में बने कैबिनेट मंत्री /राजनीति के लंबे सफर में कई मुकाम किए हासिल*
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चंडीगढ़ ;- हरियाणा की राजनीति में डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का नाम उन नेताओं में शुमार है, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक सफर में प्रदेश की राजनीति के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई। पेशे से दंत चिकित्सक रहे डॉ. शर्मा ने राजनीति में कदम रखने के बाद लगातार चुनावी संघर्ष किया और प्रदेश की तीन अलग-अलग लोकसभा सीटों—सोनीपत, करनाल और रोहतक—से संसद तक पहुंचे। वर्तमान में वह गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक और हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
*सोनीपत से शुरू हुआ संसदीय सफर*
डॉ. अरविंद शर्मा के राजनीतिक सफर की खासियत यह है कि उन्होंने वर्ष 1996 में सोनीपत लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश किया। इसके बाद 2004 और 2009 में करनाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर रोहतक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की। इस तरह वह हरियाणा की तीन अलग-अलग लोकसभा सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं में शामिल हुए।
*2019 में भाजपा में शामिल होना बना अहम मोड़*
डॉ. शर्मा के राजनीतिक जीवन में वर्ष 2019 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इसी वर्ष उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और रोहतक लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि रोहतक को लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था।
*गोहाना में भाजपा का परचम*
वर्ष 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने डॉ. अरविंद शर्मा को गोहाना विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा। उन्होंने यहां से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया। गोहाना सीट पर उनकी जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा गया।
*सांसद से कैबिनेट मंत्री तक*
गोहाना से विधायक बनने के बाद डॉ. अरविंद शर्मा को नायब सिंह सैनी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्तमान में उनके पास सहकारिता, जेल और चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। हरियाणा विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उनके विभागों का उल्लेख किया गया है।
*सहकारिता को मजबूत करने पर जोर*
मंत्री के रूप में डॉ. शर्मा का फोकस सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर है। सहकारी समितियों, भंडारण क्षमता, सहकारी चीनी मिलों तथा किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर विभागीय स्तर पर सक्रियता उनकी प्राथमिकताओं में दिखाई देती है।
*राजनीति के साथ सामाजिक सरोकार*
डॉ. अरविंद शर्मा का राजनीतिक व्यक्तित्व उनके चिकित्सकीय और सामाजिक अनुभव से भी जुड़ा रहा है। संसद की आधिकारिक प्रोफाइल में उनका पेशा मेडिकल प्रैक्टिशनर, कृषक और सोशल वर्कर दर्ज है।
*लंबे राजनीतिक अनुभव का सरकार को लाभ*
तीन लोकसभा क्षेत्रों से चार बार संसद पहुंचने और अब विधानसभा में विधायक के रूप में जिम्मेदारी संभालने का अनुभव डॉ. शर्मा को हरियाणा की राजनीति में अलग स्थान देता है। उनके राजनीतिक सफर में उतार-चढ़ाव भी रहे, लेकिन लगातार चुनावी मैदान में बने रहना और अलग-अलग क्षेत्रों में जनसमर्थन हासिल करना उनकी राजनीतिक यात्रा की बड़ी विशेषता रही है।
आज डॉ. अरविंद शर्मा की पहचान केवल एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि हरियाणा की राजनीति में लंबा संसदीय अनुभव रखने वाले ऐसे नेता के रूप में है, जिन्होंने सोनीपत से शुरू किया सफर करनाल और रोहतक होते हुए अब गोहाना की विधानसभा तक पहुंचाया है।

