*चंडीगढ़ में करोड़ो के बजट बावजूद कमियों का अंबार / बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल / जलभराव, टूटी सड़कें, सीवरेज, सफाई और पार्किंग की समस्या बनी चुनौती*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*चंडीगढ़ में करोड़ो के बजट बावजूद कमियों का अंबार / बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल / जलभराव, टूटी सड़कें, सीवरेज, सफाई और पार्किंग की समस्या बनी चुनौती*
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चंडीगढ़ ;- देश के सबसे सुनियोजित शहरों में शुमार चंडीगढ़ में नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल की बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की कमियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़कें घंटों प्रभावित रहीं और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सबसे बड़ी
चिंता बारिश के पानी की निकासी को लेकर है। बार-बार जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद कई क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। नगर निगम ने सेक्टर-37 और सेक्टर-46 में नए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, लेकिन सवाल यह है कि शहर के बाकी संवेदनशील इलाकों को कब स्थायी समाधान मिलेगा।
*सड़कें और अधूरे काम भी बने परेशानी का कारण*
शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क मरम्मत और पुनर्निर्माण की जरूरत लगातार सामने आती रही है। नगर निगम की बैठकों में भी विकास कार्यों में देरी को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। कुछ मामलों में काम स्वीकृत होने के बाद भी जमीन पर काम शुरू होने में देरी की शिकायतें सामने आई हैं।
*सफाई व्यवस्था पर भी उठे सवाल*
सफाई, डोर-टू-डोर कचरा उठाने और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई को लेकर नागरिकों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हाल की जनसुनवाई में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और अन्य संगठनों ने सफाई व्यवस्था मजबूत करने तथा कचरा समय पर उठाने की मांग रखी।
*पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था बड़ी चुनौती*
बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग व्यवस्था भी बड़ी समस्या बनी हुई है। नगर निगम ने पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन कई स्थानों पर पार्किंग प्रबंधन, एंट्री-एग्जिट और ट्रैफिक फ्लो को लेकर अभी सुधार की जरूरत है।
*पानी और सीवरेज को लेकर भी शिकायतें*
पानी की आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम की बैठकों और जनसुनवाइयों में शिकायतें उठी हैं। इस साल बजट में सड़क, पानी, सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के लिए बड़ी राशि रखे जाने के बावजूद आम नागरिकों का सवाल है कि इन योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर कब दिखाई देगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि चंडीगढ़ के पास योजनाओं और बजट की कमी है या उनके प्रभावी क्रियान्वयन की? शहर को सिर्फ कागजों पर योजनाबद्ध बनाने के बजाय सड़क, सीवरेज, ड्रेनेज, सफाई, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं की नियमित निगरानी तथा समयबद्ध समाधान की जरूरत है। नागरिकों को घोषणाओं से ज्यादा अब जमीनी काम और जवाबदेही चाहिए।

