Tuesday, August 4, 2026
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CBI ने 10 दिन पहले पदोन्नति पाने वाले चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर और एएसआई को ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते किया गिरफ्तार*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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CBI ने 10 दिन पहले पदोन्नति पाने वाले चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर और एएसआई को ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते किया गिरफ्तार*
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चंडीगढ़ ( गोयत) ;- थोड़े समय पहले चंडीगढ़ पुलिस में पदोन्नत हुए इंस्पेक्टर और एक एएसआई को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारी सेक्टर-26 स्थित बापूधाम कॉलोनी चौकी में तैनात थे। कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, जिन्हें करीब 10 दिन पहले ही सब-इंस्पेक्टर से लोकल रैंक पर इंस्पेक्टर बनाया गया था, और एएसआई भगत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक ज्वेलरी शोरूम में चोरी के मामले में नामजद महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने के एवज में शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। कथित तौर पर सौदा 2.5 लाख रुपये में तय हुआ।
*सीबीआई ने बिछाया जाल, दोनों अधिकारी गिरफ्तार*
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि दिलवाई गई और जैसे ही एएसआई भगत सिंह ने रकम ली, सीबीआई टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद चौकी के भीतर मौजूद इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद करने के साथ ही चौकी और अन्य संबंधित स्थानों पर दस्तावेजों की जांच भी की।
*ज्वेलरी शोरूम चोरी मामले से जुड़ा है मामला*
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला बापूधाम कॉलोनी स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में हुई लाखों रुपये के गहनों की चोरी की जांच से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि केस दर्ज करने और कार्रवाई करने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के बाद सीबीआई ने पूरे मामले का सत्यापन कर ट्रैप की कार्रवाई की।

*10 दिन पहले मिली थी पदोन्नति*
इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को 24 जुलाई को लोकल रैंक पर इंस्पेक्टर बनाया गया था। हालांकि यह पदोन्नति अस्थायी (लोकल रैंक) थी, जिसमें वेतन, वरिष्ठता और अन्य वित्तीय लाभ नहीं मिलते। नियमों के अनुसार, यदि अधिकारी का कार्य या आचरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है या उसके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज होता है, तो उसे मूल पद पर वापस भेजा जा सकता है।
*विभागीय कार्रवाई भी तय*
सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस भी मामले में विभागीय जांच शुरू करने की तैयारी में है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोनों अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ सेवा संबंधी दंडात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रिश्वतखोरी के खिलाफ सीबीआई की इस कार्रवाई को चंडीगढ़ पुलिस के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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