पीजीआई चंडीगढ़ को जल्द मिलेगा चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, केंद्र के आदेश पर निदेशक लाल ने भर्ती प्रकिर्या शुरू करने के दिए आदेश*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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पीजीआई चंडीगढ़ को जल्द मिलेगा चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, केंद्र के आदेश पर निदेशक लाल ने भर्ती प्रकिर्या शुरू करने के दिए आदेश*
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पीजीआई चंडीगढ़ को जल्द ही अपना चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (सीएओ) मिलने जा रहा है। यह पद पीजीआई और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच समन्वय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अगस्त को पीजीआई को एक पत्र जारी कर इस पद के सृजन और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय से भी आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए भर्ती नियम (रिक्रूटमेंट रूल्स) भी जारी कर दिए गए हैं।
*सीएओ की जिम्मेदारियां*
चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर पीजीआई के विभिन्न विभागों के कामकाज, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और मानव संसाधन (मैनपावर) की रूपरेखा तैयार करेगा। यह अधिकारी पीजीआई के प्रशासनिक कार्यों और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर अहम परियोजनाओं को समय पर पूरा करवाना होगा।
*आवेदन के लिए जरूरी योग्यता*
यह पद ग्रुप ए श्रेणी का होगा। इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद पर कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। इसमें एमबीए, पर्सनल मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा, लेबर लॉ या वकालत की डिग्री वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर कोई अधिकारी डेपुटेशन पर आवेदन करता है तो उसके पास प्रशासनिक कार्यों में पांच साल का अनुभव होना चाहिए और उसका ग्रेड पे लेवल-11 या इसके समकक्ष होना चाहिए।
*वरिष्ठ अधिकारियों की स्पेशल समिति का गठन*
अगर पीजीआई के किसी मौजूदा अधिकारी को पदोन्नति के जरिए इस पद पर नियुक्त किया जाता है तो इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, पीजीआई निदेशक, डीन अकादमी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इस पद के लिए मंजूरी पीजीआई की स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की ओर से 8 व 10 जून 2022 को इंस्टीट्यूट बॉडी की 6 सितंबर 2023 को हुई बैठकों में पहले ही दी जा चुकी थी, जिसे अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिल गई है।

