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*हरियाणा में फिर गरमाई सियासत! / वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*हरियाणा में फिर गरमाई सियासत! / वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन*
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चंडीगढ़ ;- हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने दिख रहे हैं। कांग्रेस ने कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पार्टी नेतृत्व को घेर रहे हैं। इसी बीच धान खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर भी राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।
*कांग्रेस का 14 से 24 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी अभियान*
कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने 13 अक्टूबर को चंडीगढ़ में बताया कि पार्टी *14 से 24 अक्टूबर तक ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’* अभियान के तहत प्रदेशभर में मार्च और रैलियां करेगी। पार्टी का कहना है कि अभियान का उद्देश्य मतदान के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा उठाना है। वोट चोरी के आरोप कांग्रेस के हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर सवाल उठाए। सैनी ने कांग्रेस की चुनावी हार और उसके नेतृत्व की जवाबदेही को मुद्दा बनाया। इस बयान से प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हुए हैं।
*हुड्डा ने धान खरीद पर सरकार को घेरा*
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 10 अक्टूबर को धान खरीद में देरी का आरोप लगाते हुए सरकार से MSP पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की थी। हुड्डा के अनुसार, मंडियों में खरीद और उठान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। *यह विपक्ष का दावा है* खरीद व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन सरकारी आंकड़ों से किया जाना चाहिए।
*राणा ओबराय, सम्पादक राजनीतिक विश्लेषण*
हरियाणा में फिलहाल राजनीतिक बहस के तीन प्रमुख मुद्दे उभर रहे हैं—चुनावी पारदर्शिता, किसानों की धान खरीद और सरकार की जवाबदेही। कांग्रेस आंदोलन के जरिए इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाना चाहती है, जबकि भाजपा नेतृत्व विपक्ष के आरोपों को चुनौती दे रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया, मंडियों में खरीद की प्रगति और कांग्रेस के आंदोलन को मिलने वाली प्रतिक्रिया प्रदेश की राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय रहेंगे।

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