*ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी भी हरियाणा सीएम नायब की बड़ी उपलब्धि / भ्र्ष्टाचार होगा खत्म / मनमाने तबादलों पर लगेगी रोक /दंडित कर्मचारियों को मिलेंगे नेगटिव अंक*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी भी हरियाणा सीएम नायब की बड़ी उपलब्धि / भ्र्ष्टाचार होगा खत्म / मनमाने तबादलों पर लगेगी रोक /दंडित कर्मचारियों को मिलेंगे नेगटिव अंक*
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चंडीगढ़ ;- हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और कर्मचारी-केंद्रित बनाने की दिशा में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है। नई नीति में तबादलों के लिए निर्धारित अंकों और विभिन्न श्रेणियों के माध्यम से कर्मचारियों की मेरिट तय करने पर जोर दिया गया है। इसमें खास बात यह है कि ट्रांसफर करवाने के लिए अब किसी नेता अथवा अधिकारी की सिफारिश भी काम नही करेगी। बदलियों के नाम पर जो भ्र्ष्टाचार फैला हुआ था। वह भी पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगा। इस उपलब्धि का सारा श्रेय हरियाणा के हितों के रक्षक मुख्यमंत्री नायब सैनी औऱ उनके अधिकारियो को जाता है। जिन्होंने सभी चुनोतियाँ का सामना करते हुए इसे हरियाणा प्रदेश में लागू करवाया। इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल के सहयोग को भी इग्नोर नही किया जा सकता।
*120 अंकों के आधार पर बनेगी मेरिट*
नई व्यवस्था में कर्मचारियों की रैंकिंग के लिए 120 अंकों की समग्र प्रणाली अपनाई गई है। इसमें उम्र के आधार पर मिलने वाली वेटेज को पहले के 75 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया गया है, जबकि कैडर में अनुभव को नया महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। विशेष परिस्थितियों और व्यक्तिगत कठिनाइयों को भी अधिक महत्व दिया गया है।
*पति-पत्नी के लिए बढ़े अंक*
नई पॉलिसी में सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के मामले को भी विशेष महत्व दिया गया है। कपल केस के अंक 5 से बढ़ाकर 10 किए गए हैं। इसके अलावा पात्र संगठनों की परिभाषा का विस्तार करते हुए अन्य सरकारों के नियमित कर्मचारियों को भी कुछ निर्धारित परिस्थितियों में इसमें शामिल किया गया है।
दिव्यांग और गंभीर बीमारी वाले कर्मचारियों को राहत
नीति में मानवीय आधार को भी प्राथमिकता दी गई है। 40 से 70 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को 10 अंक दिए जाएंगे। कर्मचारी या उसके पति/पत्नी अथवा अविवाहित बेटे-बेटी को गंभीर बीमारी होने की स्थिति में भी निर्धारित प्रमाण-पत्रों के आधार पर 10 अंक का प्रावधान है। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों के मामले में भी 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।
*दंडित कर्मचारियों पर नकारात्मक अंक*
पॉलिसी में अनुशासन और सेवा रिकॉर्ड को भी महत्व दिया गया है। हरियाणा सिविल सर्विसेज पनिशमेंट एंड अपील रूल्स, 2016 के तहत बड़ी सजा पाने वाले और निर्धारित तिथि पर सजा की अवधि में रहने वाले कर्मचारी को माइनस 10 अंक का प्रावधान किया गया है।
*मनमाने तबादलों पर लगेगी रोक*
ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य तबादलों में पारदर्शिता बढ़ाना और व्यक्तिगत सिफारिशों की गुंजाइश कम करना है। कर्मचारी उपलब्ध पदों और अपनी पसंद के अनुसार विकल्प दे सकेंगे तथा निर्धारित मानकों के आधार पर मेरिट तैयार होगी। इससे तबादला प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और रिकॉर्ड आधारित बनाने में मदद मिलेगी।
*सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों को भी संरक्षण*
नई व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के नजदीक पहुंच चुके कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। ऐसे कर्मचारियों को उनकी सहमति के बिना तबादले से संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर, हरियाणा की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 2026 का फोकस केवल तबादला करने पर नहीं, बल्कि मेरिट, अनुभव, पारदर्शिता और मानवीय परिस्थितियों के बीच संतुलन कायम करने पर है। सरकार की यह व्यवस्था कर्मचारियों को स्पष्ट मानकों के आधार पर तबादला प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

