*हरियाणा के चार मंत्रियो ने मुख्य सचिव द्वारा जारी / लेटर को इग्नोर किया तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार ने क्यों नहीं?*
*राणा ओबराय*
*राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,*
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*हरियाणा के चार मंत्रियो ने मुख्य सचिव द्वारा जारी / लेटर को इग्नोर किया तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार ने क्यों नहीं?*
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य सचिव हरियाणा सरकार की तरफ से मंत्रियो के रिटायर्ड सचिवों के नाम एक पत्र जारी किया गया कि आपको हरियाणा सिविल सचिवालय से तुरंत प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाता है। हरियाणा सिविल सचिवालय में इस पत्र की सर्वत्र चर्चा रही कि क्या मंत्री अपने रिटायर्ड सचिवों को हटाएंगे या मुख्यमंत्री औऱ मुख्य सचिव के पत्र को कूड़ेदान में डाल देंगे। 4 मंत्रियो औऱ एक मीडिया सचिव ने मुख्य सचिव के आदेशों को कूड़ेदान में डाल दिया। हरियाणा सिविल सचिवालय से 6 लोगो को हटाने के आदेश जारी किए थे। यह इस प्रकार थे ; कृषि मंत्री शाम सिंह राणा के पास रिटायर्ड तरसेम सिंह, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा के पास सज्जन सिंह, रेवेन्यू मंत्री विपुल गोयल के पास एमएल सैनी, मीडिया सेक्रेटरी के पास हरीश गुम्बर, श्रुति चौधरी के पास हरियाणा हरेंद्र बराड़ तथा पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार के पास विपिन कुमार। सबसे रोचक बात यह है कि कृष्ण पंवार के सेक्रेटरी विपिन कुमार को छोड़कर सभी रिटायर्ड सेक्रेटरी अपने मंत्रियों के पास कोठी पर यथावत कार्य कर रहे हैं। ऐसा मानकर चलो की सभी मंत्रियो ने चीफ सेक्रेटरी के पत्र को कूड़ेदान में डाल दिया और अपनी मनमर्जी चलाकर अपने सेक्रेट्रीयों को नही हटाया। एक इकलौता पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार है जिसने सीएस के आदेश को मानते हुए अपने सेक्रेटरी विपिन कुमार की अपने कार्यालय से छुटी कर दी। सेक्रेटेरिएट में आम चर्चा चलती रहती हैं कि जब 5 मंत्रियो ने अपने सचिव नही हटाये तो सचिवालय के सबसे शरीफ औऱ सबकी मदद करने वाले स्पेशल सीनियर सेक्रेटरी विपिन कुमार को मंत्री कृष्ण पंवार ने क्यों हटाया। क्या कैबिनेट मंत्री कृष्ण पंवार अन्य मंत्रियो के मुकाबले कमजोर मंत्री हैं!
अथवा सचिव विपिन कुमार कुमार किसी साजिश का शिकार बने हैं।

