उषा प्रियदर्शनी बनी हरियाणा महिला आयोग की नई अध्यक्षा / मीना परमार को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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उषा प्रियदर्शनी बनी हरियाणा महिला आयोग की नई अध्यक्षा / मीना परमार को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी*
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कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से जुड़े विवाद के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग में शुरू हुई नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आज निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई। प्रदेश सरकार ने आयोग का पूर्ण पुनर्गठन करते हुए उषा प्रियदर्शनी को अध्यक्ष और मीना परमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही पांच गैर-सरकारी महिला सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई है, जिससे आयोग का पूरा ढांचा लगभग सक्रिय हो गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी की ओर से जारी आदेशों के अनुसार भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान को आयोग का सदस्य बनाया गया है। नई नियुक्तियों के साथ आयोग में लंबे समय से चली आ रही रिक्तियों को भर दिया गया है।
महिला आयोग में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ के साथ हुए विवाद के बाद तत्कालीन अध्यक्ष रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग के शीर्ष पद पर रिक्तता बनी हुई थी और आयोग के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। सरकार ने पहले चरण में सदस्य नियुक्त किए और अब अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष की तैनाती के साथ आयोग को नया नेतृत्व भी सौंप दिया है। प्रशासनिक हलकों में इसे आयोग की गतिविधियों को फिर से गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*आयोग का पूरा ढांचा हुआ सक्रिय*
हरियाणा राज्य महिला आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और अधिकतम पांच गैर-सरकारी सदस्यों का प्रावधान है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य पदेन सदस्य आयोग का हिस्सा होते हैं, जबकि सदस्य सचिव की जिम्मेदारी किसी महिला आईएएस या एचसीएस अधिकारी को सौंपी जाती है। नई नियुक्तियों के बाद आयोग अब अपनी पूर्ण संरचना के साथ कार्य कर सकेगा। इससे महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और अन्य महिला अधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
महिला आयोग का पुनर्गठन ऐसे समय हुआ है जब पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के कार्यकाल को लेकर भी प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा रही थी। उन्होंने 19 जनवरी, 2022 को अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला था। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम के अनुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित है। हालांकि बाद में उनके कार्यकाल को बढ़ाए जाने संबंधी प्रशासनिक आदेश जारी किए गए थे। अब नए नेतृत्व की नियुक्ति के साथ आयोग में नए सिरे से कामकाज शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि आयोग में नई नियुक्तियों की घोषणा के बावजूद आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अभी भी अध्यक्ष के रूप में रेणु भाटिया का नाम और फोटो प्रदर्शित हो रहा है। माना जा रहा है कि नई टीम के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद वेबसाइट और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड भी अपडेट किए जाएंगे। नई नियुक्तियों के साथ सरकार ने संकेत दिया है कि महिला आयोग को जल्द ही पूरी सक्रियता के साथ काम में लगाया जाएगा, ताकि महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

