हरियाणा सिविल सचिवालय में खुसर-फुसर / सिर्फ 6 को ही क्यों , 60 वर्ष से ऊपर के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को हटाया जाए*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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हरियाणा सिविल सचिवालय में खुसर-फुसर /सिर्फ 6 को ही क्यों, 60 वर्ष से ऊपर के सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को हटाया जाए*
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चंडीगढ़ ;- मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जारी आदेशों के तहत हरियाणा के मंत्रियों के कार्यालयों और सचिवालय में तैनात रिटायर्ड अधिकारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्री के विशेष वरिष्ठ सचिव के रूप में कार्यरत सेवानिवृत्त मुख्य लेखा अधिकारी, विकास एवं पंचायत मंत्री के विशेष वरिष्ठ सचिव, हरियाणा सिविल सचिवालय में मीडिया सचिव के मुख्य स्टाफ अधिकारी, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के निजी सचिव, कृषि मंत्री के रिटायर्ड अंडर सेक्रेटरी, सहकारिता मंत्री के रिटायर्ड सचिव को उनके पदों से हटा दिया गया है। जैसे ही तैनात उपरोक्त अधिकारियों को हटाने के आदेश जारी हुए उसी समय सिविल सचिवालय के कर्मचारियों में खुसर फुसर शुरू हो गई क्या उपरोक्त लोगो को किसी शिकायत के आधार पर पदमुक्त किया गया है यदि ऐसा है तो सरकार का निर्णय बिल्कुल उचित है। शिकायत मिली है तो कार्यवाही जरूर होनी चाहिए। यदि 60 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण हटाया गया है तो यह भेदभाव की कार्यवाही है। क्योंकि सिविल सचिवालय में 60 वर्ष से ऊपर तो सीएम के चीफ स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव कार्यालय में जिला अटॉर्नी, ओएसडी रुल , तथा अनेको अन्य रिटायर्ड डिप्टी तथा अंडर सेक्रेटरी सचिवालय में कार्यरत्त है। इतना ही नही कई जिलों में डीसी कार्यालय में रिटायर्ड भी 60 वर्ष से अधिक के कार्यभार संभाल रहे हैं। सिविल सचिवालय के कर्मचारियों का नाम न छापने की शर्त पर कहना है कि यदि उपरोक्त को 60 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण हटाया है तो फिर 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी अधिकारियों को हटाया जाए, अन्यथा इनको पदभार वापिस सौंपा जाए। इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर कोई सवालिया निशान नही लगेगा।
सचिवालय के कर्मचारियों ने एतराज जताते हुए कहा बड़े शर्म की बात है कि सिविल सचिवालय कैडर के रिटायर्ड क्लास वन अधिकारी एमएलए के पीए बन कर सचिवालय में काम करवाने के लिए घूमते दिखाई देते हैं जो कि शोभा नही देता है।

