सेवानिवृत्ति के मौके पर भिवानी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जयबीर सिंह आर्य के प्रशासनिक कार्यकाल की हुई व्यापक चर्चा*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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सेवानिवृत्ति के मौके पर भिवानी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जयबीर सिंह आर्य के प्रशासनिक कार्यकाल की हुई व्यापक चर्चा*
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हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी, भिवानी, श्री जयबीर सिंह आर्य 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उनके सेवानिवृत्ति अवसर पर भिवानी जिले में उनके प्रशासनिक कार्यकाल, जनहितैषी कार्यशैली, पारदर्शी प्रशासन एवं प्रभावी नेतृत्व की व्यापक चर्चा रही। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन ने उनके कार्यकाल को जनसेवा, संवेदनशील प्रशासन एवं प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
*आम आदमी डीसी एवं पंचायती डीसी की पहचान*
श्री जयबीर सिंह आर्य ने प्रशासन को केवल कार्यालयों और फाइलों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उसे गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया। आम लोगों की समस्याओं को सुनना, स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करना तथा त्वरित समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्रशासनिक कार्यशैली की प्रमुख पहचान रही। यही कारण था कि जनता उन्हें “आम आदमी डीसी” एवं “पंचायती डीसी” के नाम से पहचानने लगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यदर्शन को अपनाते हुए सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। फील्ड स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग, जनभागीदारी, अधिकारियों की जवाबदेही तथा नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से उन्होंने अनेक सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल तक पहुंचाया। उनका मानना था कि प्रशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं को जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाकर परिणाम सुनिश्चित करना है।
*टीम वर्क और प्रशासनिक कार्यकुशलता*
श्री जयबीर सिंह आर्य की प्रशासनिक सफलता के पीछे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मजबूत टीम भावना, समन्वय और सामूहिक कार्यसंस्कृति भी एक महत्वपूर्ण कारण रही। उन्होंने जिला प्रशासन में टीम वर्क, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और परिणाम आधारित कार्यशैली को बढ़ावा दिया, जिसके कारण प्रशासनिक कार्यों में प्रभावशीलता और कार्यकुशलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
*सीएम विंडो शिकायत निवारण में हरियाणा में प्रथम स्थान*
जन शिकायतों के त्वरित समाधान एवं अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप भिवानी जिला सीएम विंडो शिकायत निवारण प्रणाली में हरियाणा में प्रथम स्थान पर रहा। यह उपलब्धि प्रशासन की जवाबदेही एवं जनसरोकारों के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाती है।
*स्वास्थ्य विभाग भर्ती में पारदर्शिता*
स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कर उन्होंने युवाओं का विश्वास जीता। भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के कारण अनेक अभ्यर्थियों ने उन्हें “भगवान के रूप” में याद किया।
*₹500 करोड़ की सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त*
श्री जयबीर सिंह आर्य ने भूमाफियाओं, अवैध कॉलोनियों एवं सरकारी भूमि पर कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर प्रशासनिक दृढ़ता का परिचय दिया। उनके नेतृत्व में लगभग ₹500 करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया, जिससे कानून के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश गया।
*बाल लिंगानुपात एवं स्वच्छ भारत अभियान में बड़ी उपलब्धि*
उनके नेतृत्व में भिवानी जिले ने बाल लिंगानुपात सुधार में हरियाणा में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत भिवानी देश के शीर्ष 20 जिलों में शामिल हुआ, जिससे जिले को नई पहचान मिली।
*पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाया*
संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए उन्होंने विद्यार्थियों, शांति सेना एवं सामाजिक संगठनों को साथ लेकर एक ही दिन में लगभग पाँच लाख पौधे लगवाने का अभियान चलाया, जिसकी व्यापक सराहना हुई।
*कोविड-19 प्रबंधन में संवेदनशील एवं सख्त प्रशासन*
कोविड-19 महामारी के दौरान श्री जयबीर सिंह आर्य ने स्वयं मैदान में उतरकर स्वास्थ्य सेवाओं एवं राहत व्यवस्थाओं की निगरानी की। उनके नेतृत्व में “हरियाणा सामान्य स्वास्थ्य जांच योजना” के अंतर्गत भिवानी जिले की लगभग 12 लाख ग्रामीण आबादी तथा जिले की सभी चार नगरपालिकाओं के नागरिकों की व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग करवाई गई। यह अभियान 272 गांवों एवं चार शहरी निकायों में चलाया गया, जिसने कोविड प्रबंधन में भिवानी को पूरे प्रदेश में एक मॉडल के रूप में स्थापित किया।
उनके नेतृत्व में कोविड मरीजों के उपचार हेतु एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों एवं विभिन्न प्रकार की जांचों की सरकार द्वारा निर्धारित दरों को सख्ती से लागू करवाया गया। ओवरचार्जिंग रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र एवं कोविड शिकायत समितियां बनाई गईं तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसी दौरान एक चर्चित मामले में एक निजी अस्पताल द्वारा कोविड मरीज के 11 दिन के उपचार के लिए लगभग ₹2.65 लाख का बिल बनाया गया था, जिसे जिला कोविड समिति द्वारा जांच उपरांत सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार संशोधित करवाकर घटाकर लगभग ₹72 हजार कराया गया। इस कार्रवाई से मरीज परिवार को बड़ी राहत मिली तथा प्रशासन की जनहितैषी कार्यशैली की व्यापक सराहना हुई।
*जनसेवा आधारित प्रशासनिक विरासत*
भिवानी में श्री जयबीर सिंह आर्य का कार्यकाल आज भी एक ऐसे आईएएस अधिकारी के रूप में याद किया जाता है, जिसने सख्ती और संवेदनशीलता के बीच अद्भुत संतुलन स्थापित कर प्रशासन को वास्तव में जनसेवा का माध्यम बनाया।

