14 साल का रिश्ता और 3 बच्चे छोड़कर प्रेमी संग गई पत्नी का खुद पति ने गवाह बनकर करवाया ब्याह*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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14 साल का रिश्ता और 3 बच्चे छोड़कर प्रेमी संग गई पत्नी का खुद पति ने गवाह बनकर करवाया ब्याह*
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वैशाली :- बिहार के वैशाली जिले से रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी अनोखी दास्तां सामने आई है, जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। यहाँ एक पति ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों और रोज-रोज के क्लेश से तंग आकर एक बड़ा दिल दिखाया और खुद खड़े होकर अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी। हैरानी की बात यह है कि प्रेमी कोई और नहीं, बल्कि महिला का अपना फुफेरा भाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वैशाली कोर्ट में हुई इस शादी के दौरान पति ने न केवल रजामंदी दी, बल्कि कानूनी कागजी कार्रवाई में गवाह बनकर हस्ताक्षर भी किए।
जानकारी के मुताबिक, अहिरपुर निवासी कुंदन कुमार और रानी कुमारी की शादी वर्ष 2011 में कोर्ट मैरिज के जरिए हुई थी। कुंदन एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और दंपति के तीन बच्चे भी हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन करीब पांच साल पहले रानी की जिंदगी में सोशल मीडिया के जरिए बदलाव आया। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रानी की बातचीत अपने ही फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से शुरू हुई। मोबाइल स्क्रीन पर शुरू हुआ हालचाल का यह सिलसिला धीरे-धीरे गहरे प्रेम संबंधों में बदल गया और रानी अपने 14 साल पुराने रिश्ते को भूल बैठी। इस प्रेम प्रसंग के चलते रानी ने कई बार लोक-लाज और परिवार की परवाह किए बिना घर छोड़ दिया। वह पिछले कुछ सालों में कई बार पति और बच्चों को छोड़कर गोबिंद के पास चली गई थीं। हर बार पति कुंदन उन्हें समझा-बुझाकर वापस लाते रहे। स्थिति को संभालने के लिए कुंदन अपनी पत्नी को लेकर जम्मू भी गए, लेकिन वहां भी रानी का मन नहीं लगा और वह वापस आने की जिद करने लगीं। डेढ़ महीने पहले फिर वही वाकया दोहराया गया। आखिर में पति कुंदन कुमार भीतर से पूरी तरह टूट गए और उन्होंने महसूस किया कि जबरदस्ती के रिश्ते को और नहीं खींचा जा सकता।
इसके बाद कुंदन ने वह फैसला लिया जिसने समाज और अदालत में मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने पत्नी को रोकने या लड़ने के बजाय उसे प्रेमी गोबिंद के हवाले करने का निर्णय लिया। वैशाली कोर्ट में कुंदन ने अपनी मौजूदगी में रानी और गोबिंद की शादी करवाई। जिस पत्नी के साथ उन्होंने सात जन्मों का वादा नहीं बल्कि कोर्ट में जीवन बिताने की कसम खाई थी, आज उसी कोर्ट में उसे दूसरे पुरुष के साथ विदा किया। कुंदन ने स्पष्ट किया कि वह अब थक चुके थे, इसलिए उन्होंने बच्चों की खातिर खुद को मजबूत किया और पत्नी को आजाद कर दिया।
शादी संपन्न होने के बाद प्रेमी गोबिंद कुमार ने भरोसा जताया कि अब रानी उन्हें छोड़कर नहीं जाएंगी और वे एक नई शुरुआत करेंगे। वहीं, रानी ने भी मीडिया के सामने स्वीकार किया कि वह कुंदन के साथ मानसिक रूप से खुश नहीं थीं और उन्हें गोबिंद के साथ अपनापन महसूस होता है। समझौते के तहत, तीनों बच्चे पिता कुंदन कुमार के पास ही रहेंगे। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक पति की बेबसी और दरियादिली दोनों एक साथ देखने को मिली।

