Tuesday, July 21, 2026
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सांसद सुरजेवाला का नायब सरकार पर गंभीर आरोप / कहा असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती में जनरल कैटगरी के 214 पदों में से 185 पदों पर दूसरी स्टेट के लोगो का चयन

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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सांसद सुरजेवाला का नायब सरकार पर गंभीर आरोप / कहा असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती में जनरल कैटगरी के 214 पदों में से 185 पदों पर दूसरी स्टेट के लोगो का चयन

सरकारी नौकरियों में हरियाणा के युवाओं के हक पर डाका डाल रही है भाजपा – सुरजेवाला
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कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने नायब सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा भाजपा सरकार द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के अनुसार अफसरों के 70% से 80% पदों पर “बाहरी उम्मीदवारों” की भर्ती की जा रही है। सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, रणदीप सिंह सुरजेवाला “टॉवर यूटिलिटीज़” असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती में सामान्य वर्ग के 214 पदों में 185 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों के चयन को लेकर हरियाणा सरकार पर जमकर बरसे। रणदीप ने कहा कि 90% असिस्टैंट इंजीनियर जैसे अफसर हरियाणा से बाहर के और हरियाणा के जनरल कैटेगरी के युवक व युवतियों को केवल दस प्रतिशत। सुरजेवाला ने कहा कि जब हरियाणा की भाजपा सरकार ही हरियाणा के सामान्य वर्ग के युवाओं को धक्के मारकर बेरोजगारी के कुएँ में धकेल रही है, तो हमारे बच्चों की सुध और कोई क्यों लेगा? रणदीप ने कहा कि अब हरियाणा के हर नौजवान की जुबान पर श्रीमान नायब सैनी और भाजपा सरकार का चिर-परिचित फ़ॉर्मूला है – “चपरासी हमारे, और अफ़सर हरियाणा से बाहर के”। सुरजेवाला ने कहा कि 11 साल से भाजपा सरकार हरियाणा के युवाओं को “ना पर्ची, ना खर्ची” का झूठा नारा दे रही है और लगातार हरियाणा के युवाओं से धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल खट्टर के शासनकाल से श्री नायब सैनी की चुटकुलों वाली सरकार तक हरियाणा के युवाओं, खासतौर से सामान्य वर्ग के युवाओं को, केवल बेजारी-बेरुखी-बेवफाई के धक्के ही मिले हैं और बार-बार हर भर्ती में हरियाणा से बाहर के युवाओं को नौकरी मिल जाती है और हमारे युवा ठगे से खड़े रह जाते हैं। सुरजेवाला ने कहा कि हमारे पढ़े-लिखे मेधावी बच्चे विदेशों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं और बाहरी राज्यों के युवाओं को हमारे ऊपर राज करने के लिए लाया जा रहा है। हरियाणा में हरियाणवियों को “दूसरे दर्जे” का नागरिक बनाया जाना भाजपा की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार की भर्ती प्रणाली पर हमला करते हुए कहा कि HPSC व HSSC के माध्यम से प्रदेश में की जा रही अफसरों की हर भर्ती में इसी रणनीति के अनुसार 70-80% पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है।

👉 हाल ही में सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) की भर्ती की लिस्ट जारी हुई है इस भर्ती में सामान्य वर्ग के 49 पदों में से 28 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

👉 प्रदेश में 10 साल बाद हुई एएमओ की भर्ती में सामान्य वर्ग के 427 पदों में से 394 पदों की लिस्ट जारी की गई उसमें से 75% पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

👉 यही हाल सिविल जज की भर्ती में रहा। उन्होंने कहा कि सिविल जज के 110 पदों में से 60 पदों पर बाहरी उम्मीदवारों को जज लगाया गया है।

👉 तकनीकी शिक्षा विभाग में प्राध्यापकों के सामान्य वर्ग के 153 में से 106 पदों पर बाहरियों का चयन किया गया।

👉 HCS की हर भर्ती में 40% से अधिक बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

👉 साल 2019 में SDO, बिजली विभाग भर्ती में 80 पदों में मात्र 2 उम्मीदवार ही हरियाणा के भारती हुए थे। फिर हमारे विरोध के चलते यह भर्ती कैंसल करनी पड़ी।

👉 साल 2019 में ही असिस्टैंट प्रोफेसर, पॉलिटिकल साइंस की भर्ती में 18 में से 11 चयनित उम्मीदवार बाहरी थे और केवल 7 हरियाणवी थे।

👉इसी प्रकार एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती में जनरल कैटेगरी के 23 पदों में 16 बाहरी उम्मीदवार भर्ती किए गए और केवल 7 हरियाणवी युवाओं की ही भर्ती हुई।

👉 हरियाणा अकेला ऐसा प्रांत है जहाँ नौकरी लेने के लिए जनरल नॉलेज के पेपर में हरियाणा की संस्कृति, भाषा, तौर-तरीक़े, भौगोलिक परिस्थिति, हरियाणवी विरासत, हरियाणवी रीति-रिवाज, सामाजिक ताने-बाने के बारे कोई जानकारी होने की आवश्यकता नहीं और ना ही हरियाणा से जुड़ा ऐसा कोई सवाल जनरल नॉलेज के पेपर में पूछा जाता है। हरियाणा में पले-बढ़े होने की और हरियाणा के लोगों को जानने-समझने की भाजपा सरकार के मुताबिक कोई आवश्यकता नहीं।
ये तो मात्र कुछ उदाहरण हैं लेकिन, प्रदेश की हर भर्ती में यही पैटर्न चल रहा है। रणदीप ने कहा कि भाजपा सरकार के कुकर्मों से प्रदेश का हर वर्ग का युवा परेशान है। प्रदेश के युवाओं का दमन करने के उद्देश्य से एचपीएससी की अधिकतर भर्तियों में आरक्षित पदों पर हरियाणा के आरक्षित वर्गों के युवाओं को सब्जेक्टिव पेपर में जानबूझकर फेल किया जा रहा है और सामान्य वर्ग की सीटों पर बाहरी उम्मीदवारों को भर्ती किया जा रहा है। सुरजेवाला ने कहा कि सभी महत्वपूर्ण पदों पर बाहरी उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए हर 2-4 साल के बाद ग्रुप डी की भर्ती के माध्यम से हजार-दो हजार चपड़ासी चौकीदार जैसे पदों पर हजार-दो हजार हरियाणवी युवा लगाकर बिना पर्ची, बिना खर्ची का पाखंड रच दिया जाता है।सुरजेवाला ने आरक्षित वर्गों के युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि केवल सामान्य वर्ग के हरियाणवियों का ही रोजगार खतरे में हो ऐसा नहीं है। भाजपा ने बाहरियों को हरियाणा में सेट करने और हरियाणा में हरियाणवियों को अल्पसंख्यक बनाने के उद्देश्य से नियमों में बदलाव करते हुए हरियाणा के निवासी होने के प्रमाण पत्र के लिए समय सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल कर दी। यही कारण है कि एनसीआर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर दूसरे प्रदेशों से आए हुए परिवार अब हरियाणा का डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाकर उन आरक्षित पदों पर भी दावा करने लगे हैं जो पहले केवल हरियाणा के दलित – पिछड़ों के लिए आरक्षित होते थे। रणदीप ने कहा कि हम मांग करते हैं कि हरियाणा पॉवर यूटिलिटीज़ की असिस्टैंट इंजीनियर की भर्ती को फौरन रद्द किया जाए। हमारी यह मांग भी है कि हरियाणा की संस्कृति, भौगोलिक और सामाजिक स्थिति, सामाजिक परिवेश के अनुरूप ही भर्ती हो ताकि स्थानीय मान्यताएं, हालात, भाषा व बोली बोलने और समझने वाले युवाओं को नौकरी पाने में न्यायसंगत प्राथमिकता मिले। हमारी यह भी मांग है कि श्रीमान नायब सैनी हरियाणा के युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव के चलते युवाओं से माफी मांगें और हरियाणा के युवाओं से हो रहे अन्याय को रोकने के लिए एक सार्वजनिक खाका पेश करें।

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