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*(INDIAN TEACHING SERVICES – ITS) शिक्षकों को मिले राष्ट्रीय स्तर का कैडर/ प्रतिभा को मिले सम्मान / शिक्षा को मिले नई ताकत!*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*(INDIAN TEACHING SERVICES – ITS) शिक्षकों को मिले राष्ट्रीय स्तर का कैडर/ प्रतिभा को मिले सम्मान / शिक्षा को मिले नई ताकत!*
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चंडीगढ़ ;- भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की चर्चा अब केवल पाठ्यक्रम और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह सकती। शिक्षा की असली गुणवत्ता कक्षा में खड़े शिक्षक से तय होती है। ऐसे में देश में (INDIAN TEACHING SERVICES – ITS) “इंडियन टीचर सर्विसेज” जैसे अखिल भारतीय शिक्षक कैडर की आवश्यकता पर गंभीर राष्ट्रीय बहस शुरू होना समय की मांग है। यदि शिक्षकों के लिए अखिल भारतीय स्तर की एक प्रतिष्ठित सेवा विकसित की जाती है, तो चयन, प्रशिक्षण, पदोन्नति और पेशेवर विकास की एक समान एवं मजबूत व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इससे देश के प्रतिभाशाली युवाओं को शिक्षक बनने के लिए आकर्षित करने में भी मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षक शिक्षा और शिक्षकों की क्षमता निर्माण को शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण आधार माना है।
*शिक्षक बने राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत स्तंभ*
आज जरूरत केवल अधिक शिक्षकों की नहीं, बल्कि बेहतर प्रशिक्षित, तकनीक-सक्षम, जवाबदेह और सम्मानित शिक्षकों की है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षक उपलब्धता तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अभी भी बड़ी चुनौती है। नीति संबंधी हालिया विश्लेषणों में भी शिक्षक कमी और सीखने के परिणामों को महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में रेखांकित किया गया है।
इंडियन टीचर सर्विसेज की परिकल्पना शिक्षा क्षेत्र में वही बदलाव ला सकती है, जो अन्य अखिल भारतीय सेवाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था में लाने का प्रयास किया है।

*ITS के संभावित प्रमुख आधार*
राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी चयन*
आधुनिक एवं अनिवार्य शिक्षक प्रशिक्षण*
डिजिटल शिक्षा और AI की समझ*
ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्त*

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