क्रॉस वोटिंग में माहिर भाजपा को लगा जोर का झटका / कर्नाटक MLC चुनाव में बीजेपी विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग / भाजपा आलाकमान चिंतित*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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क्रॉस वोटिंग में माहिर भाजपा को लगा जोर का झटका / कर्नाटक MLC चुनाव में बीजेपी विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग / भाजपा आलाकमान चिंतित*
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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव (MLC) में विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) चिंतित हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए नाराजगी व्यक्त की है और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र समेत अन्य नेताओं को दिल्ली तलब किया है। पार्टी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने चुनावों में क्रॉस-वोटिंग पर गंभीर एतराज जताया है और विजयेंद्र येदियुरप्पा और दूसरे नेताओं से 23 जून को मिलने को कहा है।कर्नाटक में मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद पहली चुनावी लड़ाई में, गुरुवार को सत्ताधारी कांग्रेस ने सात लेजिस्लेटिव काउंसिल सीटों में से पांच पर जीत हासिल की, जबकि विपक्षी बीजेपी को दो सीटें मिलीं। जेडीएस उम्मीदवार को हार मिली। सूत्रों ने बताया कि नतीजों से यह भी पता चला कि बीजेपी और जेडी(एस) के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, क्योंकि सत्ताधारी पार्टी को कुल 151 वोट मिले, जो उम्मीद के मुताबिक 140 वोटों से 11 वोट ज्यादा हैं।
विधायकों द्वारा चुनी जाने वाली सात एमएलसी सीटों के लिए आठ उम्मीदवार मैदान में थे, जिसके लिए गुरुवार को विधान सौध में वोटिंग हुई। इसके बाद शाम को वोटों की गिनती हुई। कांग्रेस के पांच उम्मीदवार थिप्पनप्पा कामकनूर, पी वी मोहन, बी के हरिप्रसाद, शिवन्ना बी एस, और विनय कार्तिक प्रकाश को जीत मिली। भाजपा के दो उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु आर भी जीते। जेडीएस के अकेले उम्मीदवार गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के तीन और जेडीएस के आठ विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि इस चुनाव में भाजपा के तीन और जेडीएस के आठ विधायकों ने कथित तौर पर क्रॉस-वोटिंग की। एक भाजपा विधायक का वोट इनवैलिड घोषित कर दिया गया। क्रॉस-वोटिंग की बात मानते हुए, भाजपा के सीनियर लीडर आर अशोक ने गुरुवार को कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ गद्दारी की है, उनकी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ एक्शन लेने का फैसला लिया जाएगा। भाजपा के स्टेट प्रेसिडेंट विजयेंद्र ने कहा, “क्रॉस-वोटिंग किसने और क्यों की? जानकारी मिलने के बाद पार्टी फैसला करेगी।”
इस हार को गंभीरता से लेगी भाजपा
बी.वाई. विजयेंद्र ने शुक्रवार को उन बातों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि विधान परिषद चुनाव के नतीजे और क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से भाजपा कमजोर हुई है। विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी इस हार को गंभीरता से लेगी और कांग्रेस सरकार को चुनौती देना जारी रखेगी। विधान परिषद चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर उठ रहे सवालों और पार्टी के अंदर मतभेदों की अटकलों के बीच बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी के पास इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी संगठनात्मक ताकत है।
भाग खड़े होने का तो सवाल ही नहीं उठता’
विधान परिषद चुनाव में भाजपा के कुछ विधायकों के क्रॉस-वोटिंग करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ” हमारे पास इस स्थिति का सामना करने की पूरी क्षमता है। डरकर मैदान छोड़ देने या भाग खड़े होने का तो सवाल ही नहीं उठता। भाजपा के पास अपने संगठन का मजबूत आधार है और हमारे कार्यकर्ताओं की शक्ति हमारे साथ है। एक चुनाव के कारण सब कुछ खत्म नहीं हो जाता।” चुनाव नतीजों को भाजपा के लिए बड़ा झटका बताने संबंधी बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी इस घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है, लेकिन उन्होंने इस बात को खारिज किया कि इससे पार्टी के राजनीतिक संकल्प पर कोई असर पड़ेगा।

