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हरियाणा में 3 IAS अफसरों के घरों पर CBI की रेड, घोटालों से जुड़े कई दस्तावेज जब्त!*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/ भारतीय न्यूज,
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हरियाणा में 3 IAS अफसरों के घरों पर CBI की रेड, घोटालों से जुड़े कई दस्तावेज जब्त!*
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हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े 645 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक और एक अन्य निजी बैंक घोटाले में रविवार को हरियाणा के तीन IAS अधिकारियों मोहम्मद शाइन, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार के आवासों पर छापेमारी की। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद घोटाले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई राजफाश होने की संभावना है। CBI ने पंचकूला और चंडीगढ़ में तलाशी अभियान चलाया। मामले में जांच एजेंसी ने पहली बार IAS अफसरों के घर छापा मारा है। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत राज्य के पांच IAS अधिकारियों पंकज अग्रवाल, विनीत गर्ग, मोहम्मद शाइन, आरके सिंह और प्रदीप कुमार की भूमिका की जांच के लिए CBI को अनुमति दी है। राज्य सरकार पहले ही आरके सिंह और प्रदीप कुमार को निलंबित कर चुकी है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि CBI ने तीन अन्य IAS अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए भी अनुमति मांगी है। हालिया छापेमारी इन्हीं अधिकारियों से जुड़े मामलों में की गई बताई जा रही है। गौरतलब है कि CBI ने इस मामले में आठ अप्रैल को एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस घोटाले की जांच कर रहा था। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की अलग से जांच कर रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार सरकारी विभागों की राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) में निवेश किया जाना था, लेकिन वास्तविक FDR बनाई ही नहीं गई। आरोप है कि विभागों की फर्जी FDR दिखाकर करोड़ों रुपये विभिन्न व्यक्तियों, कंपनियों और शेल संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जांच एजेंसियों के अनुसार इस घोटाले से हरियाणा और चंडीगढ़ के 11 सरकारी विभागों तथा दो शैक्षणिक संस्थानों को कुल 645.59 करोड़ का नुकसान हुआ।

• मोहम्मद शाइन, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार के घरों से जांच एजेंसी ने दस्तावेज जब्त किए*

• पांच IAS से पूछताछ की CBI को मिली है मंजूरी, दो को सरकार कर चुकी है सस्पेंड*

• तीन अन्य IAS से पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने हरियाणा सरकार से मांगी है इजाजत*
*तीनों के विभागों में हेराफेरी की हो रही जांच*
मोहम्मद शाइन, प्रदीप कुमार और पंकज अग्रवाल जिन विभागों में तैनात रहे, उनमें करोड़ों का हेरफेर हुआ है। तीनों के विभागों में जांच जारी है।
मोहम्मद शाइन हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड से जुड़े थे। प्रदीप कुमार के पास हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार रहा था। इस विभाग में लगभग 169,27,11,165 रुपये का घोटाला सामने आया है।

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