सुरक्षित नही रहा चंडीगढ़ स्तिथ हरियाणा MLA हॉस्टल / सिर्फ नाम की है पुलिस सुरक्षा!*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
सुरक्षित नही रहा चंडीगढ़ स्तिथ हरियाणा MLA हॉस्टल / सिर्फ नाम की है पुलिस सुरक्षा!*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
चंडीगढ़ ;- बड़े दिनों से चर्चा हो रही है की अब हरियाणा एमएलए हॉस्टल सुरक्षित नही रह है। क्योंकि होस्टल में एमएलए तथा पूर्व एमएलए से ज्यादा आम आदमी देखने को मिलता है। जबकि एमएलए हॉस्टल सिर्फ और सिर्फ एमएलए तथा पूर्व एमएलए तथा उनके परिवार के लोगों के लिए ही बना है। परन्तु प्रायः यह देखने को मिल रहा है की होस्टल में आम आदमी ही देखे जाते हैं। जिनका एमएलए से कोई सम्बन्ध नही होता। स्पीकर हरियाणा के लिए यह सोचने औऱ समझने का विषय है कि जहां बड़ी संख्या में एमएलए, पूर्व एमएलए आकर रहते हैं वहां पर आम औऱ अंजान आदमी का आना सुरक्षा के लिए खतरा है। विदित रहे बहुत समय पहले होस्टल में एक अनजान व्यक्ति ने पानीपत के विधायक की गाड़ी को आग लगा दी थी। उसके बाद तत्कालीन स्पीकर ने यहां सिक्योरिटी और बैरियर लगाया गया था। लेकिन यह बैरियर अब नाम मात्र का रह गया है क्योंकि किसी भी आने वाले को न रोका जाता है न ही टोका जाता है, न पूछा जाता है कि आप कौन हैं किस से मिलना है आए हैं, क्या काम है। अभी थोड़े दिन पहले ही पंजाब भाजपा कार्यालय चंडीगढ़ के बाहर बम ब्लास्ट हुआ था। लेकिन फिर भी हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन नहीं जागा। जब भारतीय न्यूज तथा राष्ट्रीय खोज की टीम ने इस बारे में एमएलए हॉस्टल और कैंटीन औऱ रिसेप्शन के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने खुले तौर पर बताया कि यहां पर आम आदमी प्रायः देखे जाते हैं लेकिन हम क्या कर सकते हैं। वहीं कैंटीन वालो ने कहा कि अगर हम किसी को रोकते हैं पूछते हैं तो वह किसी न किसी विधायक का नाम लेने लग जाते हैं। कैंटीन के कर्मचारी और रिसेप्शन कर्मचारियों का साफ कहना है की पूछताछ करना तो सिक्योरिटी गेट पर बैठे पुलिस कर्मचारियों का काम है। होस्टल की सुरक्षा में तेनात पुलिस कर्मियों को अपनी जिम्मेवारी अच्छी तरह से निभानी चाहिए। होस्टल के सभी कर्मचारियों ने एक मत से कहा की सिर्फ एमएलए तथा पूर्व एमएलए के साथ आए हुए लोग या एमएलए जिनको बुलाते हैं। वही होस्टल में आने चाहिए। आम इंसान हॉस्टल में अलाउड नहीं होना चाहिए।

