हरियाणा विजिलेंस चीफ चावला ने कहा भ्रष्टाचार जैसी नकारात्मक प्रवृत्ति के खिलाफ लगातार कार्रवाई करना अति आवश्यक*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हरियाणा विजिलेंस चीफ चावला ने कहा भ्रष्टाचार जैसी नकारात्मक प्रवृत्ति के खिलाफ लगातार कार्रवाई करना अति आवश्यक*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
हिसार ;- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो रही। हांसी में नई विजिलेंस यूनिट के उद्घाटन पर जब हरियाणा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक अश्विंदर चावला के सामने यह सवाल आया तो उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा उदाहरण देकर जवाब दिया। चावला ने कहा कि यह वैसा ही है जैसे कोई पूछे कि आज नहाने का क्या फायदा, कल फिर गंदे हो जाएंगे। रोज नहाना और सफाई करना जरूरी है। इसी तरह भ्रष्टाचार जैसी नकारात्मक प्रवृत्ति के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई और मंथन करना होगा।
एक दिन प्रयास करने और भी छोड़ देने से व्यवस्था की गंदगी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में आने वाले आम व्यक्ति का काम बिना रिश्वत के हो, विजिलेंस का प्रयास ऐसा माहौल तैयार करना है।
इसके लिए केवल बड़ी रकम की रिश्वत लेने वालों पर ही नहीं, बल्कि दो-तीन हजार रुपये मांगने वाले कर्मचारियों पर भी नजर रखी जा रही है।
चावला के अनुसार छोटी रकम लेने वाला कर्मचारी अगर दिनभर में 20 से 30 लोगों से पैसे लेता है तो उसका असर कहीं बड़ा हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष अब तक 133 से अधिक सफल रेड की जा चुकी हैं और कार्रवाई क्लास वन व क्लास टू अधिकारियों तक भी पहुंची है। चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के अधिक मामले दर्ज होने को केवल भ्रष्टाचार बढ़ने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अधिक कार्रवाई यह भी बताती है कि विजिलेंस की सक्रियता और पकड़ बढ़ी है। ब्यूरो का फोकस ऐसे मामलों पर है, जिनमें आम नागरिक को सरकारी काम करवाने के लिए रिश्वत देने को मजबूर किया जाता है। एंटी करप्शन ब्यूरो अब तकनीक के जरिये शिकायतकर्ता तक अपनी पहुंच आसान करने की तैयारी में है। चावला ने बताया कि एक विशेष मोबाइल एप फिलहाल ट्रायल स्टेज में है। इसे जल्द शुरू करने की तैयारी है।

