चंडीगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद विदेशी गैंगस्टरों के 3 गुर्गे किए गिरफ्तार!*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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चंडीगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद विदेशी गैंगस्टरों के 3 गुर्गे किए गिरफ्तार!*
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चंडीगढ़ (रमेश गोयत) ;- चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने विदेशी गैंगस्टरों डोनी बाल और मोहब्बत रंधावा गैंग से जुड़े तीन सक्रिय गुर्गों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से तीन अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल, जिनमें एक ग्लॉक-26 और एक जिगाना पिस्तौल शामिल है, के साथ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्राभजोत सिंह, जोबनप्रीत सिंह और अजय पाल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी कपूरथला में गैंगस्टर गुरप्रीत उर्फ गोपी निज्जर की दिनदहाड़े हत्या में शामिल थे। गोपी निज्जर गैंगस्टर सुखा काहलवां मर्डर केस का अंतिम गवाह बताया जा रहा था। यह कार्रवाई यूटी चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा के निर्देशों तथा आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, डीआईजी राजीव रंजन सिंह और एसपी ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल की निगरानी में की गई। ऑपरेशन सेल की टीम का नेतृत्व डीएसपी विकास श्योकंद और इंस्पेक्टर सतविंदर कर रहे थे।
*सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास बिछाया जाल*
18 मई 2026 को ऑपरेशन सेल की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि डोनी बाल और मोहब्बत रंधावा गैंग के तीन सदस्य सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास हथियारों के बल पर कार लूटने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में जाल बिछा दिया। मुखबिर की निशानदेही पर तीनों आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने जैसे ही उन्हें पकड़ने की कोशिश की, आरोपी जंगल क्षेत्र की ओर भागने लगे। इस दौरान जोबनप्रीत सिंह को .32 बोर पिस्तौल सहित काबू कर लिया गया, जबकि प्राभजोत सिंह और अजय पाल सिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन वे लगातार गोलियां चलाते रहे। फायरिंग के दौरान एक गोली ऑपरेशन सेल के जवान की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। चारों ओर से घिरने के बाद आरोपियों ने सरेंडर कर दिया।
पूरे घटनाक्रम में कुल पांच राउंड फायर हुए, जिनमें तीन गोलियां आरोपियों ने और दो पुलिस टीम ने चलाईं। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी, सीएफएसएल और अन्य जांच टीमें पहुंचीं। इस मामले में सेक्टर-36 थाना में एफआईआर नंबर 78 दिनांक 19 मई 2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
*पूछताछ में बड़े खुलासे*
पूछताछ के दौरान सामने आया कि तीनों आरोपी विदेशी गैंगस्टर मोहब्बत रंधावा और डोनी बाल के संपर्क में एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए थे। गैंगस्टरों के निर्देश पर इन्होंने 30 अप्रैल 2026 को कपूरथला में गैंगस्टर गोपी निज्जर की हत्या की थी।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद डोनी बाल गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जिम्मेदारी भी ली थी। प्राभजोत सिंह और जोबनप्रीत सिंह मुख्य शूटर थे, जबकि गौरव उर्फ गोला पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अजय पाल सिंह ने हथियार उपलब्ध कराए और साजिश में अहम भूमिका निभाई।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और बरामदगी
प्राभजोत सिंह (19 वर्ष)
गुरदासपुर का रहने वाला प्राभजोत फरवरी में मलेशिया से भारत लौटा था। वहीं उसकी पहचान गैंगस्टरों से हुई। वह गोपी निज्जर हत्याकांड में पंजाब पुलिस को वांछित था।
बरामदगी:
एक जिगाना पिस्तौल (.30 बोर)
तीन जिंदा कारतूस
एक खाली कारतूस
जोबनप्रीत सिंह (18.6 वर्ष)
तरनतारन निवासी जोबनप्रीत अमृतसर में फूड स्टॉल पर काम करता था। पुलिस के अनुसार उसे विदेश भेजने का लालच देकर गैंग में शामिल किया गया।
बरामदगी:
एक .32 बोर पिस्तौल
दो जिंदा कारतूस
अजय पाल सिंह (24 वर्ष)
तरनतारन निवासी अजय पाल का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसने हथियारों की व्यवस्था की और अन्य आरोपियों को गैंग से जोड़ा।
बरामदगी:
एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल
दो खाली कारतूस
अजय पाल के खिलाफ पहले भी लूट, शांति भंग और अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन सेल अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। इस कार्रवाई से विदेशी गैंगस्टरों डोनी बाल और मोहब्बत रंधावा के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

