Sunday, April 19, 2026
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*पूर्व निदेशक प्रद्युम्न सिंह का कार्यकाल सी.टी.यू के लिए बना स्वर्णिम युग / पांच साल के कार्यकाल में तीन राष्ट्रीय पुरस्कारो के साथ बदल दी चंडीगढ़ परिवहन की तस्वीर*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*पूर्व निदेशक प्रद्युम्न सिंह का कार्यकाल सी.टी.यू के लिए बना स्वर्णिम युग / पांच साल के कार्यकाल में तीन राष्ट्रीय पुरस्कारो के साथ बदल दी चंडीगढ़ परिवहन की तस्वीर*
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चंडीगढ़ में अनेको विभाग की सफलतापूर्वक जिम्मेदारी निभाने वाले हरियाणा कैडर के HCS श्री प्रद्युम्न सिंह का तबादला होने के बाद सीटीयू में उनके द्वारा दिए गए योगदान को लिखना बनता है। चंडीगढ़ में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने में एचसीएस प्रद्युम्न सिंह का विशेष योगदान है। श्री प्रद्युम्न सिंह एच. सी. एस. निदेशक परिवहन यू.टी. चंडीगढ़ के कार्यकाल में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने 2021 से 2026 तक के पाँच सालों में चंडीगढ़ परिवहन का ऐसा कायाकल्प किया कि इसकी तस्वीर ही बदल दी। उनके इस काल को सी.टी.यू. के स्वर्णिम काल की संज्ञा दी जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। फिर चाहे बात इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने की हो या इसमें वृद्धि की हो, जनता की सुविधा और सुरक्षा की या इसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सी.टी. यू को 2022 से 2026 के बीच मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों की ,हर क्षेत्र में परिवहन सेवा ने उन ऊँचाइयों को छुआ है कि इसकी जितनी प्रशंसा की जाए , कम ही होगी
*बसों के बेड़े में ऐतिहासिक इजाफा*
नवंबर 2021 में अशोक लीलैंड की 40 इलेक्ट्रिक बसों से शुरू हुआ सफर अगस्त 2022 में वोल्वो आयशर की 40 और इलेक्ट्रिक बसों तक पहुंचा। लंबी दूरी के सफर को आरामदायक बनाने के लिए 2022-23 में टाटा और अशोक लीलैंड की 40 एसी बसें जोड़ी गईं। जनवरी 2025 में टाटा की 60 साधारण बसें और फरवरी 2026 में पी.एम.आई. की 59 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल हुईं, जिनकी संख्या जून तक 100 हो जाएगी। मार्च 2026 में 40 और नई बसें मिलीं। जून 2022 में कंडम बसों को ठीक कराकर सड़कों पर उतारा गया।
*जनशक्ति हुई मजबूत*
सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिसंबर 2023 में 228 कंडक्टर, मई 2025 में 68 वर्कशॉप कर्मी और सितंबर 2025 में 111 ड्राइवरों की भर्ती की गई।
*जनता को नहीं होने दी परेशानी*
डिपो-4 की 85 डीजल बसें कंडम होने पर भी डिपो-1 की बसों से रूट चालू रखे गए। कुंभ मेला प्रयागराज और अयोध्या धाम के लिए विशेष बसें चलाकर सी.टी.यू. ने श्रद्धालुओं का दिल जीता।
*उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सी.टी.यू. को 2022 से 2026 के बीच मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार*
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों, समय पर भर्ती और जनहितैषी फैसलों से सी.टी.यू. आज देश के सबसे भरोसेमंद और मुनाफे वाले परिवहन उपक्रमों में शामिल हो गया है। यात्रियों की संख्या और सरकारी खजाने में बढ़ोतरी इसका सबूत है।
*प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल में चंडीगढ़ सिटी बसें हुईं हैं स्मार्ट*
आई.टी.एस. लागू होने से
मोबाइल पर मिल रही बस की लाइव लोकेशन और इंतजार से मिल रही है निजात ।
श्री प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग ने बड़ी छलांग लगाते हुए लोकल बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आई.टी.एस.) को लागू किया है। इससे चंडीगढ़ की बस सेवा अब पूरी तरह हाईटेक हो गई है। आई.टी.एस. के तहत सभी सिटी बसों में जी.पी.एस., डिजिटल डिस्प्ले और ऑटोमेटिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया गया है। अब हर बस की पल-पल की जानकारी कंट्रोल रूम में मिल रही है ।
कुल मिलाकर कहें तो इस समय के दौरान सी.टी.यू. लगातार आधुनिकीकरण की ओर बढ़ा है। आई.टी. एस लागू होना इस कड़ी में बड़ा कदम है। यात्रियों का बस- सेवा पर भरोसा बढ़ना इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। इसका सारा श्रेय श्री प्रद्युम्न सिंह निदेशक परिवहन यू.टी. चंडीगढ़ को जाता है, जिनकी दूरदर्शिता, योग्यता और कुशल नेतृत्व से यह सब संभव हो सका जिसके लिए सी.टी.यू सदैव इनका आभारी रहेगा। अब सवाल यह उठता है कि क्य सी.टी.यू पहले की तरह ही ऊचांइयों को छूते हुए एक और राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने में कामयाब होगा।

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