सेक्टर-43 बस स्टैंड से अवैध रूप से चल रही बसों को लेकर चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट यूनियन ने जताया रोष / यूनियन ने प्रशासन पर नजरअंदाज करने के लगाए आरोप*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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सेक्टर-43 बस स्टैंड से अवैध रूप से चल रही बसों को लेकर चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट यूनियन ने जताया रोष / प्रशासन पर नजरअंदाज करने के लगाए आरोप*
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चंडीगढ़ ;- अवध रूप से चल रही बसों को लेकर कर्मचारियों में रोष दिखने लगा है। सेक्टर-43 बस स्टैंड से अवैध रूप से चल रही बसों को लेकर चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कड़ा रोष जताया है। यूनियन ने प्रशासन पर गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज करने और टालमटोल का आरोप लगाया है। यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह जसा, आजाद सिंह, उपप्रधान सतिंदर सिंह, कैशियर गोविंद दहिया और महासचिव बलवीर सिंह ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद पंजाब सरकार ने उन इंटीग्रल कोच बसों के परमिट रद्द कर दिए थे, जिन्हें गैरकानूनी तरीके से बढ़ाया गया था। इस संबंध में पंजाब परिवहन विभाग ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट, चंडीगढ़ को लिखित सूचना भी भेजी थी लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि परमिट रिन्युअल पर रोक के बावजूद ये बसें सेक्टर-43 बस स्टैंड के काउंटरों पर घंटों खड़ी रहती हैं और बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रही हैं। यूनियन नेताओं ने सवाल उठाया कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है। लंबे समय से समय-सारणी को लेकर बैठक न होने के कारण अवैध बसों का संचालन बढ़ गया है, जिससे अन्य राज्य परिवहन निगमों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मुद्दे को कोऑर्डिनेशन कमेटी एमसी एम्प्लॉइज एंड यूटी वर्कर्स ने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के समक्ष भी उठाया है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। यूनियन ने मांग की है कि एसटीए सचिव के साथ जल्द बैठक कर समय-सारणी तय की जाए और अवैध बसों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

