चंद्रग्रहण में देशभर के मंदिर बंद, लेकिन भारत का यह चमत्कारी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा खुला*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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चंद्रग्रहण में देशभर के मंदिर बंद, लेकिन भारत का यह चमत्कारी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा खुला*
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खंडवा ;- देशभर में आज लगने वाले चंद्रग्रहण को लेकर आम लोगों के बीच भारी कौतूहल बना हुआ है। सूतक काल की मान्यताओं के चलते विश्वभर में सनातन धर्म से जुड़े लगभग सभी छोटे-बड़े मंदिरों, शक्तिपीठों और ज्योतिर्लिंगों के कपाट दर्शन-पूजन के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। लेकिन आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी कि भारत में एक ऐसा भी चमत्कारी मंदिर है, जिस पर चंद्रग्रहण या सूर्य ग्रहण का कोई असर नहीं पड़ता है। इस अद्भुत मंदिर के कपाट ग्रहण काल के दौरान भी सातों दिन और 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं, जहां आरती, पूजन और दर्शन का सिलसिला बिना किसी रोक-टोक के अनवरत चलता रहता है।
हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध अवधूत संत दादाजी धूनीवाले मंदिर की। इस पवित्र धाम में सूर्य ग्रहण या चंद्रग्रहण के किसी भी प्रभाव को नहीं माना जाता है। ग्रहण के दौरान भी यहां देश-विदेश से श्रद्धालु बिल्कुल रोजाना की तरह ही भारी संख्या में पहुंचते हैं और अपने आराध्य दादाजी के दर्शन-पूजन का पुण्य लाभ उठाते हैं। इतना ही नहीं, मंदिर के सेवादारों द्वारा श्री केशवानंद जी महाराज (बड़े दादाजी) और श्री हरिहरानंद जी महाराज (छोटे दादा जी) की समाधि पर मालिश, स्नान, भव्य श्रृंगार और नियमित विधि-विधान से आरती-पूजन का कार्य भी बिना किसी बाधा के पूरे विधि-विधान से संपन्न किया जाता है।
श्री दादाजी मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक, मंगलवार को पूरी दुनिया में दिखाई देने वाले चंद्रग्रहण के दौरान भी श्री दादाजी मंदिर के द्वार भक्तों के दर्शन के लिए पूरी तरह से खुले रहेंगे। दरअसल, इस मंदिर की पूरी व्यवस्था और कार्यप्रणाली छोटे दादाजी यानी श्री हरिहर भोले भगवान के समय बनाए गए नियमों के आधार पर संचालित होती है। सालों से चली आ रही इस अनूठी और प्राचीन परंपरा में ग्रहण के वक्त भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जाता है और भक्तों की आस्था का यह केंद्र हमेशा की तरह चैतन्य रहता है।
इस मंदिर में ग्रहण का असर न होने के पीछे एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक कारण छिपा है। छोटे दादाजी के समय लिखी गई पवित्र पुस्तक ‘केशव विनय’ में दादाजी महाराज को साक्षात भगवान दत्तात्रेय का अवतार और सभी देवी-देवताओं का एक रूप माना गया है। इस परम अवस्था में सूर्य, चंद्र और नवग्रहों को परमात्मा के अधीन माना जाता है। श्री दादाजी मंदिर के ट्रस्टी सुभाष नागोरी ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में ग्रहण का कोई असर नहीं होता है और भक्तों के लिए दर्शन पूरे समय सुचारू रूप से जारी रहेंगे। दादाजी के समय से ही यहां ग्रहण के दौरान अखंड हवन और भोग भंडार की अद्भुत परंपरा आज भी अनवरत जारी है।

