केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सीएम खट्टर को भाजपा नेताओ ने क्यों माना संत/जानिए सच्चाई!**
*राणा ओबराय*
*राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,*
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केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सीएम खट्टर को भाजपा नेताओ ने क्यों माना संत /जानिए सच्चाई!*
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चंडीगढ ;- केंद्रीय मंत्री तथा लगातार दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे मनोहरलाल खट्टर को उनके सीएम रहते भाजपा नेताओ ने खट्टर को क्यों संत की तरह माना था। क्या यह वक्त के हिसाब से नेताओं की चमचागिरी थी या हकीकत। कारण कुछ भी रहा हो लेकिन यह सच है हरियाणा बनने के बाद जितने भी सीएम हुए किसी को भी सन्त नही कहा गया था। एक निष्पक्ष पत्रकार होंने के नाते मैने खट्टर के सीएम कार्यकाल के समय की बहुत तीखी और सच्ची खबरे छापी थी। लेकिन आज मैने खट्टर सहित जितने भी सीएम रहे उनमे अंतर पाया है। केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर सच मे एक संत की तरह हो सकते है। जिसकी मैं पुष्टि नही करता हूँ। लेकिन मैं यह फर्क उदहारण के देकर समझा सकता हूँ। जितने भी खट्टर से पहले सीएम बने सबने अपने परिवार और रिश्तेदारों को सीएम आवास ओर कार्यालय में सरकारी पदवी देकर बैठाया। मनोहरलाल खट्टर एक ऐसे सीएम पैदा हुए जिन्होंने अपने कार्यकाल में अपने सभी भाइयों, भतीजो का सीएम हाउस मैं प्रवेश वर्जित कर दिया था। खट्टर ने किसी भी परिवार के सदस्य को सीएमओ में किसी पद पर नही बिठाया था। खास बात यह है खट्टर ने अपने एक हम प्याला-हम निवाला योग्य मित्र को भी सरकार में स्थान नही दिया। खट्टर यह चाहते थे कि उनके परिवार के लोग और रिश्तेदार भ्र्ष्टाचार के दलदल में न फंस जाए। इसका से साफ जाहिर होता है कि खट्टर सीएम रहते हुए भी एक संत की तरह साबित हुए।

