चंडीगढ़ प्रशासक का दावा / मेट्रो से ज्यादा बेहतर होगा चंडीगढ़ का ट्रांसपोर्ट सिस्टम*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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चंडीगढ़ प्रशासक का दावा / मेट्रो से ज्यादा बेहतर होगा चंडीगढ़ का ट्रांसपोर्ट सिस्टम*
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चंडीगढ़ ;- ट्रांसपोर्ट सिस्टम जल्द ही और मजबूत होगा। शहर के प्रत्येक रूट पर यात्रियों को हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जब तक मेट्रो परियोजना का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए बेहतर और सशक्त बस सेवाएं ही सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं।
प्रशासक ने बताया कि शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं जबकि शेष 75 ई-बसें जल्द ही सड़कों पर उतारी जाएंगी। इन बसों को शहर और ट्राइसिटी के उन रूटों पर चलाया जाएगा, जो लंबे समय से बंद पड़े हैं ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन नए रूट शुरू करने के साथ-साथ बंद पड़े रूटों को भी दोबारा चालू करेगा। उन्होंने मेट्रो की तुलना में बस सेवाओं को अधिक किफायती और प्रभावी समाधान बताया। चंडीगढ़ में रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली और अन्य राज्यों से प्रवेश करते हैं। इसके अलावा स्थानीय वाहनों की संख्या अलग से है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासक कटारिया ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत कर ही ट्रैफिक समस्या से लोगों को राहत दी जा सकती है। इस समय चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के बेड़े में कुल 478 बसें शामिल हैं। इनमें से 258 बसें सिटी सर्विस के तहत और 220 बसें लॉन्ग रूट पर संचालित की जा रही हैं। यदि सीटीयू के डिपो की बात करें तो डिपो नंबर-2 से 170 बसें, डिपो नंबर-1 और 3 से 220 बसें, डिपो नंबर-4 से 15 बसें, जबकि डिपो नंबर-3 से 88 बसें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 80 इलेक्ट्रिक बसें भी वर्तमान में चलाई जा रही हैं। लॉन्ग रूट की 220 बसों में से 63 बसें फिलहाल सिटी रूट पर लगाई गई हैं। वर्तमान में सीटीयू को करीब 140 बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से 40 बसें लॉन्ग रूट की हैं। लॉन्ग रूट की नई बसें मिलने के बाद पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के लिए बंद पड़े रूटों पर दोबारा बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।
पीएम ई-बस सेवा के तहत शामिल की जा रही नई इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर 215 से 220 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हैं। इसी वजह से इन बसों को लॉन्ग रूट के बजाय सिटी बस सर्विस को मजबूत करने के लिए शहर के रूटों पर लगाया जाएगा।

