Tuesday, July 21, 2026
Latest:
करनालखेलचंडीगढ़जिंददेश-विदेशपंचकुलापंजाबपानीपतराज्यहरियाणा

पूर्व सीएम बंसीलाल को शिकस्त देने वाले झुंजारु नेता भाजपा सांसद धर्मबीर ने अगला चुनाव नहीं लड़ने की जताई इच्छा / सक्रिय राजनीति से लेंगें संन्यास!*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
पूर्व सीएम बंसीलाल को शिकस्त देने वाले झुंजारु नेता भाजपा सांसद धर्मबीर ने अगला चुनाव नहीं लड़ने की जताई इच्छा / सक्रिय राजनीति से लेंगें संन्यास!*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
भिवानी/चंडीगढ़ :- हरियाणा के भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद धर्मबीर ने अगला चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है। यह कोई राजनीतिक दांव पेंच है या हकीकत यह तो धर्मबीर ही जाने। धर्मबीर ने कहा कि वह अब सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेंगे। नारनौल में शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि बहुत चुनाव लड़ लिए, अब आराम चाहता हूं। इसलिए अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहता। पहले लोग 100 साल तक जीते थे। इसलिए हमारे पूर्वजों ने उम्र चार पड़ाव में बांटी थी। 25, 50, 75 और 100। उसी अवस्था के हिसाब से उन्होंने काम भी बांट दिए थे। 25 में ये करोगे, 50 में यह और 75 में यह काम करोगे। मैं अगले महीने 70 साल का हो जाऊंगा, तो किसी अवस्था में तो रहने दोगे। मेरे ऊपर भी वहीं नियम लागू होने चाहिए, जो पूर्वजों ने लागू किए थे। 25 नवंबर को उनकी उम्र 70 साल हो जाएगी। हरियाणा के 3 बार सीएम रहे चौधरी बंसीलाल की 3 पीढ़ी को 4 बार चुनाव हराने का अनूठा रिकॉर्ड चौधरी धर्मबीर सिंह के नाम है। आपको बता दें कि अगला लोकसभा चुनाव यदि निर्धारित समय पर होता है तो उस समय धर्मबीर सिंह 74 साल के होंगे। 25 नवंबर 1955 को भिवानी के तालु गांव में जन्मे धर्मबीर सिंह ने 1983 में राजनीति में कदम रखा। ग्रेजुएशन के बाद पहला चुनाव 1983 में बवानीखेड़ा पंचायत समिति सदस्य बनने के लिए लड़ा था और जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे 1985 में पंचायत समिति के चेयरमैन बन गए।पंचायत समिति के चुनाव के बाद सीधे विधानसभा का चुनाव लड़ने उतरे और वो भी पूर्व सीएम बंसीलाल के सामने उन्हीं के गढ़ तोशाम में। 1987 में हुए इस चुनाव में चौ. देवीलाल की पार्टी लोकदल के प्रत्याशी बने। इस चुनाव में बंसीलाल को हराया। हालांकि यह चुनाव विवाद में भी आया। हालांकि बंसीलाल को हराने का इनाम यह मिला कि वे परिवहन मंत्री बन गए।
धर्मबीर 1991 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर तोशाम हलके से फिर बंसीलाल के सामने उतरे। लेकिन हार गए। फिर 1996 में फिर बंसीलाल के सामने लड़े लेकिन हार गए। उस वक्त बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी थी, जिसकी सरकार बनी। 1999 में भिवानी से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। अगला चुनाव तोशाम से लड़ा और इस बार बंसीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह को हराया। साल 2014 में जब राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए, तब धर्मबीर सिंह भी भाजपाई बन गए। उसके बाद साल 2014 और 2019 में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी को हराया। साल 2024 में श्रुति चौधरी का टिकट कटा और कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी राव दान सिंह को टिकट दिया, लेकिन धर्मबीर सिंह की जीत की हैट्रिक नहीं रोक पाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!