*हरियाणा सरकार की नाकामी के कारण अपने हक को पाने के लिए भटकता एक HCS!*
*राणा ओबराय*
*राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,*
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*हरियाणा सरकार की नाकामी के कारण अपने हक को पाने के लिए भटकता एक HCS!*
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चंडीगढ़ ;- आजकल हरियाणा प्रदेश में जोरो से चर्चा है कि नायब सरकार के राज में प्रदेश के किसी भी व्यक्ति /अधिकारी /कर्मचारी के साथ नाइंसाफी नही हो सकती हैं। कह सकते यह एक अच्छी चर्चा है, लेकिन इसके विपरीत एक एचसीएच अधिकारी एलपीएस तोमर के साथ लगभग 20 वर्षों से सरकार द्वारा अन्याय होता आ रहा है। हरियाणा सरकार के तत्कालीन बड़े अधिकारियों की ईगो औऱ षड्यंत्र के शिकार बने एचसीएस तोमर ने नायब सरकार के दरबार मे भी अनेको बार इंसाफ के लिए दरख्वास्त लगाई थी। मगर लोकप्रिय नायब सरकार में भी उन्हें इंसाफ नही मिला। भाजपा सरकार में नियुक्त अधिकारी तोमर को दिनरात चकमा तो देते रहे मगर इंसाफ नही दिया। तत्कालीन तीन एचसीएस अधिकारियों क्रमशः एलपीएस तोमर, वाईएस ख्यालिया तथा आरएस चहल को चार्जशीट किया गया था। तीनो के खिलाफ जांच कमेटी का गठन हुआ था। एलपीएस तोमर का आरोप है कि तत्कालीन अधिकारीयों ने पक्षपात करते हुए दोनों को दोषमुक्त कर दिया औऱ मुझे दण्डित कर दिया। तोमर ने बताया की मैने उच्च अधिकारियों को लिखा कि मैं निर्दोष हूँ। मेरी प्रार्थना पर सरकार ने फिर एक IAS अधिकारी को इन्क्वारी अफसर नियुक्त किया। इन्क्वारी अफसर ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा की एलपीएस तोमर गिल्टी नही है। उन्होंने बताया जब मैं गुलहा में एसडीएम था तब कैथल की उपायुक्त ने भी अपनी रिपोर्ट में मेरे को वेरी गुड अफसर लिखा था। सभी रिपोर्ट एलपीएस तोमर के हक में होने के बावजूद सरकार ने उन्हें जबरन रिटायर कर दिया था। अब दशकों से न्याय पाने के लिए रिटायर्ड एचसीएस एलपीएस तोमर सरकार के आगे लगातार गुहार लगाते घूम रहे हैं। लेकिन न्याय पाने में नाकामयाब रहे हैं। अब देखना यह है कि तत्कालीन बड़े अधिकारियों की ईगो औऱ षड्यंत्र के शिकार बन चुके एचसीएस अधिकारी को नायब सरकार कितनी जल्दी इंसाफ और दोषियों को दंड देती है।

