*हरियाणा वासियों के दिलो मे बस चुकी नायब सैनी सरकार को कमजोर करने की साजिश!*
*राणा ओबराय*
*राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,*
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*हरियाणा वासियों के दिलो मे बस चुकी नायब सैनी सरकार को कमजोर करने की साजिश!*
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चंडीगढ़ ;- मार्च 2024 में हरियाणा सीएम कुर्सी पर बैठने के बाद नायब सैनी ने जनहित में इतने बेहतर फैंसले लिए की बिना किसी बैसाखी के सहारे प्रदेश में तीसरी बार उनके नेतृत्व में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बन गई। नायब सैनी ऐसे पहले सीएम है जिन्होंने आम जनता के लिए 24 घण्टे मुख्यमंत्री आवास के दरवाजे खुले रखे है। यदि आधी रात को भी कोई फरयादी सीएम से मिलने गया तो भी सीएम सैनी ने उसकी फरियाद सुनकर अधिकारियों को कार्यवाही करने के दिशा निर्देश दिए। इसीलिए प्रदेश में कहावत बन चुकी है “*हंसता मुख्यमंत्री खिलखिलाता हरियाणा*”
यह भी एक कारण हो सकता है की नायब सैनी की लोकप्रियता को देखते हुए उनके जिला कुरुक्षेत्र में ही कुछ स्वार्थी लोग उनको कमजोर करने की साजिश रच रहे हो! हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तथाकथित वीडियो वायरल हो रही हैं जिसमे नोकरी न लगने पर जिला कुरुक्षेत्र के भाजपा जिला अध्यक्ष से एक व्यक्ति अपने पैसे वापिस माँग रहा है यह भी कह सकते हैं कि गिड़गिड़ाते हुइं नजर आ रहा है। लेकिन नेता जी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। वीडियो में जिलाध्यक्ष यह कहते हुए सुना जा रहा है कि मेरी सीएम के ओएसडी से बात हो गयी हैं 2 दिन में काम हो जाएगा। यह भी कहते हुए सुना जा रहा है की सीएम साहिब ने कह दिया है दो दिन में काम हो जाएगा नही हुआ तो अपना सामान वापिस ले जाना। इसकी गम्भीरता से जांच होनी चाहिए। सोचने का विषय है कि क्या यह एक शरीफ और ईमानदार मुख्यमंत्री को बदनाम तथा लोकप्रिय सरकार को कमजोर करने की साजिश नही है। क्या ऐसी घटना से विपक्ष को बैठे बिठाए मुद्दा नही मिल जाएगा। क्या हरियाणा की बिना खर्ची बिना पर्ची नोकरी देने वाली सरकार से जनता का विश्वास नही उठ जाएगा। क्या सरकार पर सवालिया निशान नही लगेंगे। शायद इसी वजह से नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कुरुक्षेत्र में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुकि कर दी है। कुछ माह पहले सीएम को बदनाम करने की इसी तरह एक और घृणित घटना घटी थी जो बहुत वायरल हुई थी। जिसमे अपने आप को पत्रकार बताने वाली एक महिला ने मुख्यमंत्री पर हाथ पकड़ने का कथित आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की थी। जो समय रहते प्रशासन ने संभाल ली। वैसे यह मीडिया सचिव और मीडिया कॉर्डिनेटर के पदों पर बैठे लोगो का काम होता है की सीएम के किसी भी कार्यक्रम में पहुचने से पहले वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर स्तिथि का जायजा ले औऱ पत्रकारों से बेहतर तालमेल बनाकर रखे। मीडिया कर्मियों से तालमेल बनाकर रखना मीडिया सेक्रेटरी के बस का नही है। लेकिन मौजूदा मीडिया सचिव तथा कॉर्डिनेटर मुख्यमंत्री के पीछे खड़े होकर फोटो खिंचवाने पर ज्यादा ध्यान देते है। जब इस बाबत हमने राजनीतिक एक्सपर्ट्स से बात की तो उनका कहना है कि इतिहास गवाह रहा है कि राजा-महाराजा हमेशा षड्यंत्र शिकार होते रहे हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को अपने नजदीकी कार्यकर्ताओं तथा इर्दगिर्द के लोगो पर भी पैनी नज़र रखनी चाहिए।

