पार्षद पति पर हमले के मामले में सीआईए ने सोमवार रात के समय चार आरोपियों को दबोचा!*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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पार्षद पति पर हमले के मामले में सीआईए ने सोमवार रात के समय चार आरोपियों को दबोचा!*
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पानीपत(राजेश ओबराय ) ;- पार्षद पति पर हुए हमले से स्थानीय पार्षदों में रोष देखने को मिल रहा था। जिला प्रशासन औऱ विधायक ने पार्षदों को आश्वासन दिया था कि दोषियों को बख्शा नही जाएगा। इसी कड़ी को लेकर पानीपत की सीआईए वन पुलिस टीम ने वार्ड 17 की पार्षद रजनी गर्ग के पति एवं भाजपा नेता सुरेंद्र गर्ग के कार्यालय में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोमवार रात सेक्टर-6 रेलवे फाटक के पास से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान सिद्धार्थ नगर निवासी प्रिंस व मोहित और किशनपुरा निवासी सागर व विकास के रूप में हुई है।
सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस मंगलवार को इन चारों आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश करेगी। वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पूरा मामला वार्ड में सफाई व्यवस्था से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 17 में सिद्धार्थ नगर निवासी मोहित सफाई सुपरवाइजर का काम करता है। स्थानीय निवासियों द्वारा बार-बार मोहित की शिकायत की जा रही थी कि वह अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है। इसी शिकायत को लेकर पार्षद पति सुरेंद्र गर्ग ने 3 अप्रैल को मोहित को समझाने के लिए अपने किशनपुरा स्थित कार्यालय पर बुलाया था।बातचीत के दौरान मोहित गुस्सा हो गया और सुरेंद्र गर्ग से बहस करने लगा। उस समय वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे समझाकर वहां से भेज दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद मोहित अपने परिवार के सदस्यों और 10-12 अन्य युवकों के साथ हथियारों से लैस होकर वापस लौटा और कार्यालय में हमला बोल दिया।
वारदात के दौरान आरोपियों ने जमकर उत्पात मचाया। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रिंस ने मेज पर रखा कांच का गिलास तोड़कर सुरेंद्र गर्ग की आंख पर सीधा वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल सुरेंद्र गर्ग को पहले आईबीएम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अगले दिन दिल्ली एम्स रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है। एसपी भूपेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए वन को सौंपी थी, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई है।

