यूपी में राज्यसभा चुनाव के जरिए BJP बनाना चाहती है संतुलन / वरुण गांधी को मिल सकता है मौका*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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यूपी में राज्यसभा चुनाव के जरिए BJP बनाना चाहती है संतुलन / वरुण गांधी को मिल सकता है मौका*
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राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही बीजेपी ने उम्मीदवारों पर मंथन शुरू कर दिया है। इसी के साथ दावेदारों के नामों की चर्चा भी तेज हो गई है। चर्चा यह है कि राज्यसभा चुनावों के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश होगी। कुछ पुराने चेहरों पर पार्टी दांव लगा सकती है। वहीं, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए नए चेहरों को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
*ये हैं बीजेपी के ब्राह्मण दावेदार*
विधायकों की संख्या के आधार पर सात सीटें तो बीजेपी साफ तौर पर जीत सकती है। वहीं, सहयोगी दलों और दूसरी वरीयता के वोट के आधार पर आठवीं सीट भी निकल सकती है। डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उप राज्यपाल बन चुके हैं। उनकी सीट खाली हो रही है। सीमा द्विवेदी की सीट भी खाली हो रही है। इन दो सीटों पर खुद सीमा द्विवेदी के अलावा राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और अर्चना मिश्रा के नाम चर्चा में हैं।
*ये हो सकते हैं ओबीसी चेहरे*
बीएल वर्मा केंद्र सरकार में मंत्री हैं। यदि इनको केंद्र में आगे भी मंत्रिमंडल में बनाए रखना है तो इनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। ओबीसी वर्ग से हाल ही में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाई गई रेखा वर्मा और बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल का नाम भी चर्चा में है। वहीं, एससी समुदाय से विद्या सागर सोनकर का नाम चर्चा में हैं।
*ये चेहरे फिर चर्चा में*
स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाकर फिर से राजनीति में सक्रिय किया गया है। उनकी सक्रियता को और बढ़ाने के लिए उन्हें भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसके अलावा वरुण गांधी का नाम भी तेजी से चर्चा में आया है। वह काफी दिनों से साइड लाइन हैं। उनको 2024 में लोकसभा का टिकट नहीं दिया गया था।
*पश्चिम यूपी समीकरण*
पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह और संजीव बालियान के नाम चर्चा में है। इसके अलावा पूर्व राज्य सभा सदस्य अनिल जैन का नाम भी चर्चा में है।
*कुछ रिपीट तो कुछ बदलेंगे*
हरदीप पुरी केंद्रीय मंत्री है। इनको भी रिपीट किया जा सकता है। वहीं, देखना होगा कि ब्रज लाल की जगह किसी और दलित को भेजा जाता है या उनको ही रिपीट किया जाएगा। नीरज शेखर को भी रिपीट किया जा सकता है। अरुण सिंह और गीता शाक्य रिपीट होती है या फिर उनकी जगह किसी और को जगह दी जाएगी, यह अभी साफ नहीं है।

