बघेल की विदाई के बाद क्या राजा वड़िंग की भी होगी छुट्टी! राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले हलचल तेज*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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बघेल की विदाई के बाद क्या राजा वड़िंग की भी होगी छुट्टी! राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले हलचल तेज*
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चंडीगढ़ ;- कांग्रेस हाईकमान ने आखिरकार भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी के पद से हटा दिया। बघेल की जगह राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और युवा चेहरे सचिन पायलट को प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले के बाद दो बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला यह कि क्या भूपेश बघेल के बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की भी छुट्टी होगी? दूसरा सवाल यह कि क्या हाईकमान के इस ताजा फैसले से पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई खत्म हो पाएगी या पहले की तरह चलता रहेगा? पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक पिछले कई दिनों से आमने-सामने हैं। चन्नी और उनके समर्थकों ने तब बगावती तेवर दिखाए थे, जब कांग्रेस हाईकमान ने वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फैसला लिया था।
*‘गो बैक बघेल’ के लगाए गए थे पोस्टर*
भूपेश बघेल राज्य के प्रभारी रहते हुए जब पंजाब के 8 दिन के दौरे पर आए थे तो चन्नी समर्थकों ने कई जगहों पर वड़िंग के साथ ही भूपेश बघेल का भी पुरजोर विरोध किया था। चन्नी समर्थकों का कहना था कि भूपेश बघेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं की बात को शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचाया। हालात यह थे कि चन्नी गुट ने पंजाब में कई जगहों पर- ‘गो बैक बघेल’ के पोस्टर लगा दिए थे चन्नी वड़िंग की लड़ाई इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को इसमें दखल देना पड़ा और आखिरकार भूपेश बघेल की प्रभारी के पद से छुट्टी हो गई।
चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी ने कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था। संगठन के लिहाज से यह भी अहम ओहदा है लेकिन चन्नी के समर्थकों का कहना है कि उनके नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।
*क्या चाहते हैं चन्नी समर्थक?*
जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों को ऐसी उम्मीद है कि पार्टी अब राजा वड़िंग के खिलाफ भी एक्शन लेगी। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा चल रही है कि हाईकमान प्रदेश संगठन में बदलाव करेगा लेकिन क्या कांग्रेस नेतृत्व के लिए ऐसा करना आसान होगा? इस बात को समझना जरूरी है कि पंजाब में छह महीने के भीतर चुनाव हो जाएंगे। इतने कम वक्त में नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनाव मैदान में जाना खतरे से खाली नहीं होगा और कांग्रेस भी इस बात को समझती है। वड़िंग मार्च, 2022 से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, वह पंजाब सरकार में मंत्री रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उन्होंने राज्य में अपनी टीम तैयार की है।

