Thursday, August 27, 2026
Latest:
चंडीगढ़देश-विदेशपंचकुलापंजाबपानीपतहरियाणा

रणदीप सुरजेवाला व अभय दुबे ने कहा त्योहारों की मिठास पर मोदी सरकार का महंगाई का वार / जमाखोरों व काला बाजारियों का बोलबाला, ₹36,000 करोड़ का चीनी कीमत घोटाला !

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
रणदीप सुरजेवाला व अभय दुबे ने कहा त्योहारों की मिठास पर मोदी सरकार का महंगाई का वार / जमाखोरों व काला बाजारियों का बोलबाला, ₹36,000 करोड़ का चीनी कीमत घोटाला !
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
“महंगी चीनी” ने देश के त्योहारों की मिठास अब “कड़वी” कर दी है। देश में चीनी की कीमतें ₹45 प्रति किलो से बढ़कर अगस्त माह में ही ₹70/₹75 प्रति किलो हो गई हैं। देश की जनता को खुलेआम मुनाफाखोरों और काला बाजारियों से लुटवाने का मोदी सरकार का यह नया “मास्टर स्ट्रोक” है। चीनी की बेतहाशा बढ़ी कीमतों से आम लोगों पर पड़ी महँगाई की मार को “मास्टर स्ट्रोक” बताते हुए BJP के नेता (MP के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और बिहार के मंत्री श्रवण कुमार) जनता को ज्ञान दे रहे हैं कि – “डायबिटीज भगाने के लिए चीनी महंगी कर दी और पेट्रोल में डाल दी”। नतीजा यह है कि पूरे देश की गाड़ियों/मोटर साइकिलों/स्कूटरों को “डायबिटीज” का रोग हो गया है।गाड़ियाँ गैरेज में भर्ती हैं और BJP के नेता कह रहे हैं कि – मोदी जी ने हमें बचा लिया, सारी गाज गाड़ियों/मोटर साइकिलों/स्कूटरों पर गिरा दी।

12 साल से मोदी सरकार ऐसे ही “मास्टर स्ट्रोक” लगा रही है।

· पेट्रोल-डीजल महंगा करके “मोटापा” घटा रही है।

· गैस के दाम बढ़ाकर “कम खाने व स्लिम रहने” की प्रेरणा दे रही है।

· दिल के दौरे से बचाने के लिए “खाने का तेल” महंगा कर रही है।

· बच्चों को बार-बार तैयारी का मौका देने के लिए पेपर लीक करवा रही है।

1. जनता पर चार महीने में ₹36,000 करोड़ की चपत का चीनी घोटाला!

· साल 2025-26 का “ओपनिंग शुगर स्टॉक” 50 लाख टन है, जो पिछले साल की तुलना में 30 लाख कम है (साल 2024-25 का ओपनिंग स्टॉक 80 लाख टन था)।

· इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (ISMA) की 30 अप्रैल, 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार देश में साल 2025-26 में चीनी उत्पादन 275 लाख टन हुआ। दूसरी तरफ, मोदी सरकार यह झूठ परोसती रही कि चीनी उत्पादन 343 लाख मीट्रिक टन होगा।

· अप्रैल माह के अंत में मोदी सरकार को यह मालूम था कि देश में चीनी की कमी मुँह बाए सामने खड़ी है क्योंकि उत्पादन व ओपनिंग स्टॉक दोनों काफी कम हैं। परंतु मोदी सरकार जान बूझकर आँखें मूंदे सोई रही।

· देश में चीनी की हर महीने औसतन खपत 24 लाख टन है। चीनी की यह खपत त्योहार के चार महीनों (यानी अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर) में बढ़कर 30 लाख टन प्रति महीना हो जाती है। कारण साफ है – इन महीनों में सावन, राखी, ईद, गणेश चतुर्थी, ओनम, नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस, दीपावली आदि महत्वपूर्ण त्योहार आते हैं, जिनमें चीनी की खपत सबसे ज्यादा होती है। यानी अगस्त से नवंबर के चार महीनों के बीच देश में चीनी की खपत 120 लाख टन है।

· चीनी की कमी के चलते नतीजा यह हुआ कि चीनी की आम बाजार में कीमतें ₹45 प्रति किलो से बढ़कर अगस्त माह में ₹70-₹75 प्रति किलो हो गईं, क्योंकि त्योहार का सीजन शुरू हो गया।

· 20 अगस्त, 2026 को जान बूझकर सोई हुई मोदी सरकार जागी और 10 लाख टन “कच्ची चीनी” के ड्यूटी-फ्री आयात का आदेश जारी किया, जिसकी कॉपी संलग्न A1 है।

आँखों में धूल झोंकने के लिए मोदी सरकार ने कहा कि इससे चीनी की बेतहाशा बढ़ी कीमतें नियंत्रित हो जाएंगी। पर चौंकाने वाला सच क्या है? सच यह है कि यह चीनी हजारों किलोमीटर दूर ब्राजील से समुद्री जहाजों से आएगी, जिसमें 50-60 दिन का समय लगेगा। उसके बाद, यह “कच्ची चीनी” रिफाइन होकर बाजार में आएगी, जिसमें 10-15 दिन और लगेंगे। यानी यह चीनी नवंबर के अंत तक भारत में बाजारों में उपलब्ध होगी और तब तक त्योहारों में चीनी खपत का सारा सीजन खत्म हो जाएगा।

· अगर त्योहार के सीजन में चीनी की कीमत ₹75 प्रति किलो से अधिक ना भी बढ़े, तो भी हर चीनी इस्तेमाल करने वाले भारतीय को त्योहार के इन चार महीनों में लगभग ₹30 प्रति किलो चीनी की कीमत अधिक अदा करनी पड़ेगी। इन चार महीनों में चीनी की खपत है – 120 लाख टन (30 लाख टन प्रति महीना)। यानी भारत के नागरिकों को ₹30 प्रति किलो की बढ़ी कीमतों के अनुसार भी 120 लाख टन चीनी की खपत पर ₹36,000 करोड़ की अतिरिक्त चपत चार महीनों में ही लगेगी। जनता की जेब पर पड़े ₹36,000 करोड़ के डाके का सीधा फायदा चीनी के मुनाफाखोरों और कालाबाजारियों को होगा। सत्ता की साँठ-गाँठ का इससे बड़ा क्या उदाहरण हो सकता है?

2. E20 एथेनॉल मिक्स पेट्रोल में नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक 32% शुगरकेन का इस्तेमाल-चीनी दाम बढ़ोत्तरी का एक बड़ा कारण !

· नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच मोदी सरकार ने एथेनॉल उत्पादन के लिए 32% “शुगरकेन कॉम्पलेक्स” का इस्तेमाल किया, यानी वो चाहे शुगर हो, डी मोलासेस हो या सी मोलासेस हो।

· नतीजा यह हुआ कि बाजार में आम जनता के लिए उपलब्ध होने वाली चीनी की मात्रा में भारी कमी आयी और चीनी की कीमतें बढ़ गईं।

· E20 की वाहवाही लूटे मोदी सरकार और भुगतें देश के लोग। उनकी गाड़ियाँ, स्कूटर व मोटर साइकिल खराब हों, वह अलग। यही मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक है।

3. साल 2017 से राशन की दुकान पर मिलने वाली सस्ती चीनी बंद की और मुनाफाखोरों की पौ बारह

· कांग्रेस सरकार देश के 40 करोड़ लोगों को 500 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति महीना चीनी ₹13.50 प्रति किलो के रियायती दाम पर देती थी और उस पर कांग्रेस सरकार ₹18.50 प्रति किलो की सब्सिडी वहन करती थी। मोदी सरकार ने साल 2017 में यह योजना बंद कर दी।
राशन की दुकान से ₹13.50 प्रति किलो की दर से सस्ती चीनी देना तो दूर, मोदी सरकार ने तो चीनी की कीमत ही ₹75 प्रति किलो कर दी। देश की जनता जब दशहरा और दीपावली का त्योहार मनाएगी, तो मोदी सरकार के महंगाई के वार की याद बार-बार आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!