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*बेअदबी संशोधन बिल: आप ने साधा पंथक समीकरण, नए बिल की पेचिदगियों से बाहर आकर 2027 पर टिकाई नजर*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*बेअदबी संशोधन बिल: आप ने साधा पंथक समीकरण, नए बिल की पेचिदगियों से बाहर आकर 2027 पर टिकाई नजर*
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पंजाब विधानसभा ने सोमवार को जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 को पास कर दिया है। अब इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।इससे पहले सोमवार को सत्र शुरू होने पर सबसे पहले विधानसभा में गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वृंदावन में हुए नाव हादसे में मारे गए लोगों को भी सदन की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया।इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि जीरो ऑवर होना चाहिए। यह विधायकों का हक है। प्रदेश में कानून व्यवस्था और ड्रग का मुद्दा है, उस पर चर्चा नहीं करते हैं। एक दो दिन के लिए सत्र बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर सीएम मान ने कहा कि जब हम सत्र बुलाते हैं तो आप वॉकआउट कर जाते हैं और वैसे सत्र की बढ़ाने की मांग करते हैं। आज का सत्र सिर्फ बेअदबी के खिलाफ बिल को लेकर ही समर्पित होना चाहिए। सीएम भगवंत मान ने सत्र में बेअदबी के खिलाफ संशोधन बिल पेश किया।
बिल पर चर्चा शुरू हुई। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहली भी सरकारों को मौका मिला है लेकिन आज तक उन्होंने इसके प्रयास नहीं किए, बल्कि वे खुद बेअदबी के आरोपी हैं। श्री अकाल तख्त के समक्ष उन्होंने अपनी गलती मानी है। बैंस ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई अधिकारी इस मामले में जांच नहीं करेगा।
विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि काफी समय से इस बिल की मांग थी। पहले अपराधी छूट जाते थे, क्योंकि सख्त सजा का प्रावधान नहीं था। अब अपराधी छूट नहीं पाएंगे। इस बिल को मेरा समर्थन है।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बिल पर सांविधानिक विशेषज्ञों की राय ली गई है या नहीं, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी में जो एसजीपीसी के अलावा अन्य संगठनों ने जो सुझाव दिए। वो भी बताए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप प्रमुख केजरीवाल ने वादा किया था कि सभी आरोपियों को कटघरे में खड़े करेंगे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। विधायक कुंवर विजय प्रताप के जरिय करवाई तेज करने की बात कही थी लेकिन आज वो खुद ही पार्टी से बाहर है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह आज करने वाली बात नहीं है। आपका पूर्व सीएम आज दूसरी पार्टी में नहीं है। आपका प्रधान आज दूसरी पार्टी में है। आपका पूर्व वित्त मंत्री आज दूसरी पार्टी में है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानी है। अब कह रहे हैं कि माफी के लिए हमें मजबूर किया गया और लोगों को आज गुमराह कर रहे हैं।
चीमा ने कहा कि आज जिस कानून में संशोधन कर रहे हैं, उसे राज्यपाल ने 2008 में पहले ही मंजूरी दी हुई है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। विपक्ष की तरफ से जानबूझकर तरफ से गुमराह किया गया था। हमने विशेषज्ञों की राय ली गई है जिसके बाद ही कानून में संशोधन के लिए लेकर आए हैं। विपक्ष की डिले करने की मंशा है।
*पंजाब विधानसभा ने सोमवार को जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन)* विधेयक-2026 को पास कर दिया है। अब इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
इससे पहले सोमवार को सत्र शुरू होने पर सबसे पहले विधानसभा में गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वृंदावन में हुए नाव हादसे में मारे गए लोगों को भी सदन की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि जीरो ऑवर होना चाहिए। यह विधायकों का हक है। प्रदेश में कानून व्यवस्था और ड्रग का मुद्दा है, उस पर चर्चा नहीं करते हैं। एक दो दिन के लिए सत्र बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर सीएम मान ने कहा कि जब हम सत्र बुलाते हैं तो आप वॉकआउट कर जाते हैं और वैसे सत्र की बढ़ाने की मांग करते हैं। आज का सत्र सिर्फ बेअदबी के खिलाफ बिल को लेकर ही समर्पित होना चाहिए।
सीएम भगवंत मान ने सत्र में बेअदबी के खिलाफ संशोधन बिल पेश किया।
बिल पर चर्चा शुरू
बिल पर चर्चा शुरू हुई। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहली भी सरकारों को मौका मिला है लेकिन आज तक उन्होंने इसके प्रयास नहीं किए, बल्कि वे खुद बेअदबी के आरोपी हैं। श्री अकाल तख्त के समक्ष उन्होंने अपनी गलती मानी है। बैंस ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई अधिकारी इस मामले में जांच नहीं करेगा।
विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि काफी समय से इस बिल की मांग थी। पहले अपराधी छूट जाते थे, क्योंकि सख्त सजा का प्रावधान नहीं था। अब अपराधी छूट नहीं पाएंगे। इस बिल को मेरा समर्थन है।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बिल पर सांविधानिक विशेषज्ञों की राय ली गई है या नहीं, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी में जो एसजीपीसी के अलावा अन्य संगठनों ने जो सुझाव दिए। वो भी बताए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप प्रमुख केजरीवाल ने वादा किया था कि सभी आरोपियों को कटघरे में खड़े करेंगे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। विधायक कुंवर विजय प्रताप के जरिय करवाई तेज करने की बात कही थी लेकिन आज वो खुद ही पार्टी से बाहर है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह आज करने वाली बात नहीं है। आपका पूर्व सीएम आज दूसरी पार्टी में नहीं है। आपका प्रधान आज दूसरी पार्टी में है। आपका पूर्व वित्त मंत्री आज दूसरी पार्टी में है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानी है। अब कह रहे हैं कि माफी के लिए हमें मजबूर किया गया और लोगों को आज गुमराह कर रहे हैं।
चीमा ने कहा कि आज जिस कानून में संशोधन कर रहे हैं, उसे राज्यपाल ने 2008 में पहले ही मंजूरी दी हुई है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। विपक्ष की तरफ से जानबूझकर तरफ से गुमराह किया गया था। हमने विशेषज्ञों की राय ली गई है जिसके बाद ही कानून में संशोधन के लिए लेकर आए हैं। विपक्ष की डिले करने की मंशा है।
*वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए सीएम मान ने दिया जवाब*
वहीं सीएम भगवंत मान ने कहा कि कैसे लोग होंगे वो जो बेअदबी करते हैं। हमारी सरकार ने पालकी साहिब के साथ ही सभी धर्मों के ग्रंथों को लेने जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ कर दिया है। मान ने कहा कि 26 जनवरी की परेड इस बार पंजाब की झांकी की बारी नहीं थी। हमने गृह मंत्री को पत्र लिखा और कहा कि अगली बार हमारी बारी काट लेना लेकिन इस बार हमारी श्री तेग बहादुर जी से संबंधित झांकी शामिल करें।
मान ने कहा कि अकाली दल के विधायक आए नहीं हैं। फख्र ए कौम वापस देने की मांग कर रहे हैं लेकिन इन लोगों पर किस बात का फख्र करें। इनकी सरकारों में बेअदबी हुई है और आरोपियों को माफी दिलाई।

मान ने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि चौथी बार बिल ला रहे हैं। विपक्ष ये आरोप लगा रहा है कि हर बार अटका रहता है, लेकिन मैं आज दावा करता हूं कि पांचवी बार बिल आ रहा है और इसके बाद नहीं आएगा। मान ने कहा कि बेअदबी के 90 प्रतिशत केसों में कह दिया जाता है कि मानसिक रोगी है। ऐसा है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही क्यों दिखता है। ऐसे लोगों के घर वालों पर पर्चा करेंगे। मान ने कहा कि इसमें जांच तय अवधि में पूरी करनी होगी। उम्रकैद का मतलब है कि इसमें मृत्यु तक जेल में रहना होगा। सभी कानूनों माहिरों और संत समाज से राय ली गई है। सिर्फ धार्मिक नहीं और कानूनी पक्ष से भी उनको राय देने के लिए कहा गया था।
मान ने कहा कि यह स्टेट एक्ट है और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं है। राज्यपाल के साइन की जरूरत है। वैसे भी राज्यपाल के पास शिकायत लेकर जाते हो तो इसकी मंजूरी के लिए भी मेरे साथ चलना ताकि जल्दी यह एक्ट लागू हो सके। अगर कानून के तहत एक आरोपी को सख्त सजा मिल गई तो दोबारा कोई यह अपराध करने की कोशिश नहीं करेगा।

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