Saturday, March 28, 2026
Latest:
करनालखेलचंडीगढ़जिंददेश-विदेशपंचकुलापंजाबपानीपतराज्यहरियाणा

कांग्रेस ने रो-पीटकर राज्यसभा चुनाव तो जीत लिया लेकिन साख बचाने में रही नाकामयाब / भाजपा की उपलब्धि कृष्ण बेदी जैसे संकट मोचक तथा नायब सैनी जैसे चाणक्य मौजूद*

राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कांग्रेस ने रो-पीटकर राज्यसभा चुनाव तो जीत लिया लेकिन साख बचाने में रही नाकामयाब / भाजपा की उपलब्धि कृष्ण बेदी जैसे संकट मोचक तथा नायब सैनी जैसे चाणक्य मौजूद*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
चंडीगढ ;- पूर्ण बहुमत होने के बावजूद प्रत्येक बार का तरह इस बार भी कांग्रेस अपना राज्यसभा चुनाव हारते हारते रह गयी। लेकिन कांग्रेस अपनी साख नही बचा पाई। यह राज्यसभा चुनाव भाजपा व कांग्रेस दोनों के लिए सबक सिखाने वाले रहा। भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत कांग्रेस विधायक दल में जबरदस्त सेंध लगाई। चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध को कांग्रेस के विधायकों की पूरी तादाद होने के बावजूद कम वोट पड़ने पर जहां पार्टी की साख व एकजुटता कटघरे में खड़ी हुई वहीं भाजपा ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के नेतृत्व में कांग्रेस के कई विधायकों को अपने पाले में लाकर अपनी रणनीति व कूटनीति की मिसाल साबित की है। भाजपा के रणनीतिकार आंकलन में थोड़ा-सा गच्चा कहा गए वरना भाजपा दोनों सीटों पर काबिज हो सकती थी। सबसे बड़ी बात यह है कि राज्यसभा की दूसरी सीट पर हार के बावजूद भाजपा ने जिस तरह से कांग्रेस विधायकों में तोड़-फोड़ की उससे सियासी हलकों में यह सन्देश भी गया है कि नायब सैनी और कृष्ण बेदी सियासी कूटनीति में पूरी तरह माहिर हो गए हैं। यह भी साबित हो गया है की भाजपा के पास कृष्ण बेदी जैसे संकट मोचक ही नहीं बल्कि नायब सैनी जैसे चाणक्य भी मौजूद है। इस सारे में खेले में कृष्ण बेदी की भूमिका अहम मानी जा रही है जिसकी पटकथा उन्होंने बहुत पहले से लिखनी शुरू कर दी थी। हैरानी की बात यह है कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में पर्दे के पीछे काफी कुछ कर दिया लेकिन कांग्रेस को इसकी भनक तक नही लगी। पार्टी के दिग्गज हिमाचल की वादियों के शानदार होटलों में भी अपने विधायकों की नब्ज टटोल नहीं पाए। राष्ट्रीय खोज तथा भारतीय न्यूज बार बार लिख रही थी की कांग्रेस में पहले की तरह खेला हो सकता है। लेकिन कांग्रेस के एक MLA सम्पादक राणा ओबराय को लिख रहे थे 37/37 वोट कांग्रेस प्रत्याशी को मिलेंगे। जो कि सच से दूर था और वह साबित भी हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!