*हरियाणा की सियासत में नई हलचल / मोदी की बैठक के बाद BJP का मिशन-2029 तेज! / संगठन और जनसंपर्क पर फोकस*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*हरियाणा की सियासत में नई हलचल / मोदी की बैठक के बाद BJP का मिशन-2029 तेज! / संगठन और जनसंपर्क पर फोकस*
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चंडीगढ़ ;- हरियाणा की राजनीति में इन दिनों सत्तारूढ़ भाजपा ने अपना फोकस साफ तौर पर संगठन की मजबूती, जनसंपर्क और अगले विधानसभा चुनाव की लंबी तैयारी पर कर दिया है। 3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत भाजपा के सभी विधायकों से नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में जनकल्याण और जनता की बेहतर सेवा के साथ संगठन को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
*मोदी की बैठक ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान*
हरियाणा भाजपा के सभी 48 विधायक प्रधानमंत्री से मिले। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री ने विधायकों को जनता के बीच सक्रिय रहने और सेवा कार्यों पर जोर देने का संदेश दिया। राजनीतिक रूप से यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 2029 के विधानसभा चुनाव में अभी करीब तीन साल का समय है, लेकिन भाजपा ने अभी से संगठन और सरकार के प्रदर्शन को चुनावी नजरिए से मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
*सैनी की विदेश यात्रा भी बनी चर्चा का विषय*
दूसरी ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन दिनों सिंगापुर दौरे पर हैं। वहां उन्होंने निवेशकों के साथ बैठकें कर डेटा सेंटर, रक्षा क्षेत्र, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक जैसे क्षेत्रों में हरियाणा में निवेश का आह्वान किया है। सैनी सरकार इसे हरियाणा को औद्योगिक और तकनीकी रूप से नई दिशा देने की रणनीति के रूप में पेश कर रही है। सिंगापुर में मुख्यमंत्री ने हरियाणा को भारत की ‘इनोवेशन कैपिटल’ बनाने की महत्वाकांक्षा भी जाहिर की।
*कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती*
भाजपा जहां सरकार और संगठन को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती एकजुट और प्रभावी विपक्षी रणनीति तैयार करने की है। आने वाले समय में कांग्रेस यदि सरकार के खिलाफ मजबूत जनमुद्दे खड़े करती है तो हरियाणा की राजनीति में मुकाबला तेज हो सकता है।
*सियासी संकेत साफ—अभी से 2029 की तैयारी!*
हरियाणा में भाजपा की रणनीति देखकर संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी केवल सरकार चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अगले चुनाव की जमीन अभी से तैयार करने में जुट गई है। मोदी की विधायकों के साथ बैठक और सैनी की निवेश-केंद्रित गतिविधियां इसी बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक रोडमैप के दो अलग-अलग हिस्से दिखाई देते हैं।

