*डॉ वंदना डिसोदिया के सख्त एक्शन से रिकवरी में करोड़ो की बढ़ोतरी / फर्जीवाड़े पर FIR होने से अफसरों में घबराहट!*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*डॉ वंदना डिसोदिया के सख्त एक्शन से रिकवरी में करोड़ो की बढ़ोतरी / फर्जीवाड़े पर FIR होने से अफसरों में घबराहट!*
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पंचकूला ;- हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. वंदना डिसोदिया (IAS) ने निगम की ऋण-वसूली व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बकाया ऋण की रिकवरी पर विशेष जोर देने के साथ-साथ कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के मामलों में FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई भी किए जाने की बात सामने आई है। निगम की योजनाओं का उद्देश्य अनुसूचित जाति परिवारों को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में सरकारी धन की समय पर वापसी और ऋण राशि के दुरुपयोग पर कार्रवाई निगम की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
*पुराने बकायेदारों पर शिकंजा*
HSFDC में लंबे समय से रिकवरी एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चुनौती रही है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की पुरानी रिपोर्ट में भी निगम की बड़ी बकाया राशि की ओर ध्यान दिलाया गया था।
ऐसे माहौल में वर्तमान प्रबंधन द्वारा रिकवरी पर जोर दिए जाने को निगम की वित्तीय अनुशासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा सकता है।
*फ्रॉड के मामलों में FIR का संदेश*
कथित फर्जी दस्तावेजों अथवा वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई का सीधा संदेश है कि निगम की योजनाओं का लाभ लेने के नाम पर सरकारी धन के साथ धोखाधड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
*डॉ. वंदना MD का लाभार्थियों के हित और सरकारी धन की सुरक्षा पर जोर*
निगम की योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, शिक्षा तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसलिए रिकवरी में तेजी आने से उपलब्ध धनराशि को आगे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
डॉ. वंदना डिसोदिया के नेतृत्व में रिकवरी और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निगम में सख्ती का संदेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

