*चंडीगढ़ की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था चरमराई!/ लोगो को याद आने लगा पूर्व डायरेक्टर प्रद्युम्न सिंह का कार्यकाल / CTU बसों की सही टाइमिंग न होने पर उठने लगे सवाल*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*चंडीगढ़ की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था चरमराई!/ लोगो को याद आने लगा पूर्व डायरेक्टर प्रद्युम्न सिंह का कार्यकाल / CTU बसों की सही टाइमिंग न होने पर उठने लगे सवाल*
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चंडीगढ़ ;- चंडीगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। पूर्व डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट एवं CTU के प्रमुख रहे एचसीएस अधिकारी प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल के बाद परिवहन व्यवस्था में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं। प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल में सीटीयू की सेवाओं को आधुनिक बनाने और यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया था। उनके
कार्यकाल में 358 बसों में ITS लागू किए जाने की जानकारी भी चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की थी।
*बसों की टाइमिंग और सेवा को लेकर चंडीगढ़ के यात्रियों में नाराजगी*
अब यात्रियों की ओर से बसों की टाइमिंग, उपलब्धता और कुछ रूटों पर बसों की कमी को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध यात्री शिकायतों में पीक ऑवर्स के दौरान कुछ रूटों पर बसों की कमी और टाइमिंग में बदलाव का उल्लेख मिलता है।
CTU का दायरा केवल चंडीगढ़ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों के लिए भी बस सेवाएं संचालित करता है। ऐसे में व्यवस्था में मामूली गड़बड़ी का असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है।
*प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल की फिर होने लगी चर्चा*
प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल में परिवहन विभाग में तकनीक के इस्तेमाल, बस संचालन की निगरानी और यात्री सुविधाओं को लेकर कई पहल सामने आई थीं। 2025 में भी उनके हवाले से चंडीगढ़ की बस सेवा को बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की योजना की जानकारी सामने आई थी।
अब उनके स्थानांतरण के बाद यात्रियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि क्या चंडीगढ़ की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को फिर उसी गति और अनुशासन के साथ आगे बढ़ाया जा सकेगा?
*657 बसों का बेड़ा, फिर भी चुनौती बरकरार*
मई 2026 में CTU के बेड़े में 40 नई इंटरस्टेट बसें शामिल होने के बाद कुल बेड़ा 657 बसों तक पहुंचने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद बसों की उपलब्धता और संचालन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें यह संकेत देती हैं कि केवल बसों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समयबद्ध संचालन, रूट मैनेजमेंट और प्रभावी मॉनिटरिंग भी उतनी ही जरूरी है।
*अब नए नेतृत्व के सामने बड़ी चुनौती!*
लगभग चार माह सेअविकेश गुप्ता,पीसीएस डायरेक्टर सीटीयू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि यात्रियों को समय पर बसें मिलें, पीक ऑवर्स में पर्याप्त बसें उपलब्ध रहें और सीटीयू की आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया जाए। चंडीगढ़ की जनता अब यह देखना चाहती है कि प्रद्युम्न सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाकर CTU को और मजबूत बनाया जाता है या नहीं।

