*सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस जयबीर सिंह आर्य का पैतृक गांव मिर्चपुर में हुआ ऐतिहासिक अभिनन्दन*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
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*सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस जयबीर सिंह आर्य का पैतृक गांव मिर्चपुर में हुआ ऐतिहासिक अभिनन्दन*
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“36 बिरादरी ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित, युवाओं को शिक्षा, नशामुक्ति एवं समाज सेवा का दिया संदेश”
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नारनौंद ;- हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व आयुक्त एवं सचिव श्री जयबीर सिंह आर्य के सेवानिवृत्त होने के उपरांत उनके पैतृक गांव मिर्चपुर में भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। गांव की 36 बिरादरी द्वारा उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह में सामाजिक
संगठनों, आर्य समाज प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, गांव के बुजुर्गों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
श्री जयबीर सिंह आर्य के गांव पहुंचने पर ग्रामीण बड़ी संख्या में गांव के बस स्टैंड पर एकत्र हुए और फूल-मालाओं तथा जयघोष के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें खुली जीप में बैठाकर लगभग दो किलोमीटर लंबा भव्य स्वागत जुलूस निकाला, जो गांव के बस स्टैंड से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचा। पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा की गई तथा गांव में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
अपने संबोधन में श्री जयबीर सिंह आर्य भावुक हो गए और कहा कि गांववासियों द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि गांव की 36 बिरादरी ने जो सम्मान, स्नेह और विश्वास उन्हें दिया है, उसकी गरिमा को वे जीवनभर बनाए रखेंगे।
उन्होंने अपनी जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा—
*“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।”*
अर्थात — माता और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं।*
उन्होंने कहा कि यदि वे प्रशासनिक सेवा में कुछ कर पाए हैं तो उसकी जड़ें गांव की सादगी, संघर्ष, अनुशासन और संस्कारों में हैं।
*स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे वैद्य मुंशी राम आर्य*
श्री जयबीर सिंह आर्य ने अपने पूज्य पिता, स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रख्यात वैद्य स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता केवल उनके अभिभावक ही नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति, समाज सुधार, गौ-सेवा और आर्य समाज आंदोलन के प्रेरणा-पुरुष थे।स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य ने सी.ए.वी. स्कूल, हिसार से मैट्रिक शिक्षा प्राप्त की तथा डी.ए.वी. आयुर्वेदिक कॉलेज, लाहौर से आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति में स्नातक उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अपनी शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया था। वे उत्तर भारत के प्रतिष्ठित वैद्य, समाज सुधारक, आर्य समाज के समर्पित प्रचारक तथा राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रखर व्यक्तित्व थे। स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य ने वर्ष 1939 में स्वामी स्वतंत्रानंद जी के नेतृत्व में हैदराबाद सत्याग्रह में भाग लिया तथा भारत की स्वतंत्रता के लिए दो वर्ष तक जेल में रहे। उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता, हिंदी भाषा एवं पृथक हरियाणा राज्य निर्माण के लिए चलाए गए “हिंदी बचाओ आंदोलन” में भाग लिया तथा वर्ष 1952 में अंबाला केंद्रीय कारागार में लगभग ढाई माह तक कारावास भुगता।
वे पूर्व सांसद एवं आर्य समाज के वरिष्ठ नेता स्वामी रामेश्वरानंद जी तथा अपने लाहौर कॉलेज के सहपाठी, प्रख्यात राष्ट्रवादी नेता, भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता एवं पद्म विभूषण स्वर्गीय प्रो. बलराज मधोक जी के साथ गौ-रक्षा आंदोलन से भी जुड़े रहे। वे गौ-सेवा के प्रबल समर्थक थे तथा स्वयं गाय पालन करते थे। उनकी गाय कई वर्षों तक सर्वाधिक दूध देने वाली गायों में प्रथम स्थान पर रही। स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य सामाजिक सुधार एवं विशेष रूप से बालिका शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच सचिव के रूप में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल जी के समक्ष गांव के कन्या विद्यालय को मिडिल से दसवीं तक अपग्रेड करने की मांग रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकार कर लिया था।
*हरियाणा सरकार द्वारा विशेष सम्मान*
श्री जयबीर सिंह आर्य ने हरियाणा सरकार के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उनके पूज्य पिता के स्वतंत्रता संग्राम, समाज सुधार एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को सम्मान देते हुए गांव के विद्यालय का नामकरण *“स्वतंत्रता सेनानी श्री मुंशी राम आर्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय” किया है।*
उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा में हरियाणा के गौरवशाली स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में स्थापित चित्रों में स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य का चित्र भी प्रमुखता से लगाया गया है, जो पूरे क्षेत्र एवं परिवार के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन आदर्शों का सम्मान है, जिनके लिए उनके पिता ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज, शिक्षा, गौ-सेवा एवं सामाजिक जागरूकता को समर्पित किया।
*माता जी को भावभीनी श्रद्धांजलि*
मदर्स डे के अवसर पर उन्होंने अपनी स्वर्गीय माता श्रीमती फूलपती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे अत्यंत धार्मिक, सरल, करुणामयी और आदर्श माता थीं। उनका निधन वर्ष 2016 में हुआ था तथा हरियाणा सरकार द्वारा उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई थी।
उन्होंने कहा कि उनकी माता का स्नेह, त्याग और आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति रहे।
*युवाओं को शिक्षा एवं नशामुक्ति का संदेश*
युवाओं को संबोधित करते हुए श्री जयबीर सिंह आर्य ने शिक्षा, अनुशासन और समाज सेवा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उन्होंने गांव में लाइब्रेरी निर्माण में सहयोग देने तथा सरकारी विद्यालय में मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल शिक्षा शुरू करवाने हेतु प्रयास करने की घोषणा की।
आर्य समाज बलिदान स्मारक, गुलकनी-राजपुरा भैण के स्वामी दिव्यानंद सरस्वती ने युवाओं के लिए नशामुक्त समाज निर्माण पर बल देते हुए स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य के समाज सुधार एवं आर्य समाज के प्रति योगदान को याद किया तथा श्री जयबीर सिंह आर्य से इस अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान किया। इस पर श्री जयबीर सिंह आर्य ने सहमति व्यक्त करते हुए युवाओं के भविष्य के लिए नशामुक्त अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया।
अपने पूज्य पिता की स्मृति में श्री जयबीर सिंह आर्य ने गांव की गौशाला को ₹51,000 तथा आर्य समाज मंदिर को नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता अभियान हेतु ₹51,000 की सहयोग राशि भेंट की।
*गांव के विकास में विशेष योगदान*
वक्ताओं ने कहा कि श्री जयबीर सिंह आर्य ने प्रशासनिक सेवा में उच्च पदों पर रहते हुए भी अपनी जन्मभूमि और गांव की मिट्टी से गहरा जुड़ाव बनाए रखा। जींद में एडीसी रहते हुए उन्होंने हिसार जिला प्रशासन के सहयोग से गांव मिर्चपुर की फिरनी सड़क का निर्माण करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने हरियाणा सरकार की ‘ग्राम संरक्षण योजना’ के अंतर्गत अपने पैतृक गांव मिर्चपुर को गोद लिया तथा मिर्चपुर में सड़क, आधारभूत सुविधाओं, संपर्क मार्गों तथा जनहित से जुड़े अनेक विकास कार्य करवाए। उनके विशेष प्रयासों एवं अनुशंसा पर हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड द्वारा मिर्चपुर से राखीगढ़ी तथा मिर्चपुर से राजपुरा भैण तक सड़कों का निर्माण करवाया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी, शिक्षा, व्यापार एवं सामाजिक आवागमन को बड़ा लाभ मिला।
*प्रशासनिक कार्यों की व्यापक सराहना*
ढांडा खाप के प्रधान श्री देवव्रत ढांडा ने कहा कि श्री जयबीर सिंह आर्य सदैव “आम आदमी डीसी” के रूप में पहचाने गए क्योंकि उन्होंने गरीब, किसान, मजदूर और आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता देकर समाधान किया।
बारहा खाप के प्रधान ने कहा कि हरियाणा रोडवेज में महाप्रबंधक रहते हुए उन्होंने दिल्ली से खेड़ी चोपटा गांव तक बस सेवा शुरू करवाई, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों, को शिक्षा के लिए बड़ी सुविधा मिली।
मंच संचालन कर रहे मास्टर चंद्रभान ने कहा कि जींद में एडीसी रहते हुए श्री जयबीर सिंह आर्य ने किसानों एवं आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर सिंचाई संबंधी अनेक वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करवाया। वक्ताओं ने कहा कि एसडीएम महम रहते हुए उन्होंने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका चुनाव प्रबंधन आज भी उदाहरण के रूप में याद किया जाता है। चुनाव आयोग भारत द्वारा उन्हें वर्ष 2015 में श्रीलंका संसद के आम चुनावों हेतु अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक एवं विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया जाना हरियाणा के लिए गर्व का विषय था। एसडीएम चरखी दादरी के रूप में उनके कार्यकाल को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने “कारगिल वॉर हीरोज क्रिकेट मैच” का आयोजन किया, जिसमें लगभग 5000 लोग एकत्र हुए और पांच कारगिल वीरांगनाओं को ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भिवानी में उपायुक्त रहते हुए श्री जयबीर सिंह आर्य “आम आदमी डीसी” एवं “पंचायती डीसी” के नाम से प्रसिद्ध हुए। उन्होंने लगभग ₹500 करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण एवं भू-माफियाओं से मुक्त करवाया।
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने प्रभावी कोविड प्रबंधन किया तथा निजी चिकित्सकों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर उपचार सुनिश्चित करवाया। उन्होंने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के चिकित्सकों को जनसेवा हेतु संगठित कर कोविड मरीजों की सहायता में जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
उनके नेतृत्व में भिवानी जिले ने बाल लिंगानुपात सुधार में हरियाणा में दूसरा स्थान प्राप्त किया तथा स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत देश के शीर्ष 20 जिलों में स्थान बनाया। वक्ताओं ने बताया कि श्री जयबीर सिंह आर्य ने “शांति सेना”, स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को जोड़कर एक ही दिन में लगभग पांच लाख पौधे लगवाने का अभियान चलाया, जो जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण बना।
सभी वक्ताओं ने कहा कि श्री जयबीर सिंह आर्य ने प्रशासन को केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में संवेदनशील, पारदर्शी, परिणामोन्मुख एवं जन-केंद्रित प्रशासन की मिसाल कायम की। इस अवसर पर आईएएस अधिकारी यशेंद्र श्योकंद, आईएएस कैप्टन मनोज, ढांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढांडा, कैप्टन टीकाराम, ओमप्रकाश ढांडा, सरपंच अशोक ढांडा, मास्टर चंद्रप्रकाश, पूर्व सरपंच सत्यवान, अमीर सिंह, सुरेश कुमार, अजय पहलवान, राजेश गिल, सुनील बुढ़ाना, मास्टर रणबीर, सुरेंद्र वर्मा, रिटायर्ड DIPRO,जितेंद्र काला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

