झज्जर पुलिस ने पांच शातिरों को किया गिरफ्तार / टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार*
राणा ओबराय
राष्ट्रीय खोज/भारतीय न्यूज,
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
झज्जर पुलिस ने पांच शातिरों को किया गिरफ्तार / टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को बनाते थे ठगी का शिकार*
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
साइबर पुलिस ने टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपियों भिवानी के सुई गांव निवासी किस्मत, जींद के अलेवा गांव निवासी राहुल, हिसार की लेबर कॉलोनी निवासी राहुल, उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित नाथाडोई तहसील धामपुर निवासी मुकुल और उत्तर प्रदेश के रायबरेली हाल चंडीगढ़ के सेक्टर-56 निवासी सूरज को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और कई बारकोड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेशानुसार जींद के अलेवा निवासी राहुल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि बाकी चार आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन में साइबर क्राइम टीम की तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कुछ समय पहले सभी आरोपी चंडीगढ़ में मिले थे। उस समय वहां कोई मजदूरी तो कोई घूमने गया हुआ था। सभी ने आपसी संपर्क में आने पर लोगों को निवेश के नाम पर ठगने की योजना बनाई। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कई लोगों को ठग चुके हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कई अन्य के भी शामिल होने की संभावना है। थाना साइबर क्राइम झज्जर के निरीक्षक सोमबीर ने बताया कि झज्जर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अगस्त 2025 में वह टेलीग्राम पर एक ग्रुप से जुड़ा था। उस ग्रुप में निवेश करने पर मोटा मुनाफा मिलने का दावा किया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्रुप में दिए गए निर्देशों के अनुसार उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी ज्वाइन कर लिया। वहां उसे अलग-अलग योजनाओं में निवेश करने के लिए कहा गया और शुरुआती दौर में उसे कुछ मुनाफा भी दिया गया, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे अलग-अलग बैंक खातों में लगातार पैसे जमा करवाने के लिए कहा। जब शिकायतकर्ता ने आगे निवेश करने से मना कर दिया और अपने पैसे वापस निकालने की बात कही तो आरोपियों ने अलग-अलग तरह के चार्ज और फीस बताकर उससे और पैसे मांगने शुरू कर दिए। तभी उसे शक हुआ कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हो रहा है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम थाना झज्जर में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

